छपरौली (बागपत)। सिलाना गांव के कुटी वाला मंदिर में पुजारी की फांसी लगाकर हत्या कर दी और शव को खूंटी पर लटका दिया। पुजारी की हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सिलाना गांव निवासी स्व. निर्भय सिंह का 32 वर्षीय बेटा संदीप भगत गांव के बाहरी छोर पर स्थित बाबा अतर नाथ महाराज की कुटी वाला मंदिर में पुजारी था। बृहस्पतिवार की सुबह भतीजा आशु मंदिर में दूध लेकर गया तो पुजारी का फांसी लगा शव बरामदे में खूंटी पर लटका हुआ था। आशु ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी विजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुजारी की हत्या से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे की मांग की। मृतक के बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि पुजारी संदीप की बैठे हुए ही हत्या कर दी और शव को खूंटी से बांध दिया। इस मामले में ग्राम प्रधान के पति अमित ने अज्ञात के खिलाफ छपरौली थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस हत्या और आत्महत्या के पहलुओं पर जांच कर रही है।
सात साल से मंदिर में रहता था पुजारी
छपरौली। भाई राजेंद्र ने बताया कि मृतक पुजारी संदीप भगत पिछले सात साल से मंदिर में ही रहकर पूजा पाठ करते थे। उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। वह नशा करने वालों लोगों का विरोध करते थे और किसी भी नशेड़ी को मंदिर में नहीं घुसने देते थे।
बुधवार को शराबियों से हुआ था झगड़ा
छपरौली। भाई राजेंद्र ने बताया कि मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों ने परिजनों को बताया कि बुधवार को मंदिर में कुछ युवक शराब पीकर आ गए थे। पुजारी संदीप ने उन्हें भगा दिया था। इसे लेकर उनके बीच कुछ कहासुनी भी हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि उन युवकों ने तो कहीं पुजारी की हत्या नहीं की।
अविवाहित थे पुजारी
छपरौली। मृतक पुजारी संदीप तीन भाई हैं। सबसे बड़ा राजेंद्र, उससे छोटा नीटू और सबसे छोटा संदीप था। संदीप अविवाहित था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।