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रिजवान बोला, छह लोग नाव में कूदे इसलिए डूब गई

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बागपत। काठा गांव के दर्दनाक नाव हादसे के मामले में फरार चल रहे आरोपी नाविक रिजवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसको जेल भेजा। जेल जाने से पहले उसने कई राज उगले। अवैध रूप से नाम चलवाने वाले के नाम बताए। उन्होंने कहा नाव चलने के बाद पांच-छह लोग जबरन छलांग लगाकर बैठ लिए थे। यही वजह रही कि नाव पानी में डूब गई।
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काठा गांव में 14 सितंबर को यमुना में नाव डूब गई थी। इसमें 14 महिला और पांच पुरुष सवारियों की मौत हो गई। इसे लेकर भारी बवाल हुआ। गांव के चौकीदार सलाऊद्दीन की तहरीर पर नाविक रिजवान पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने आरोपी नाविक रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसको कोर्ट में पेश किया। वहां से उसको जेल भेजा।
जेल जाने से पहले आरोपी नाविक रिजवान ने बताया वह बचपन से नाव चलाता है। पिछले काफी समय से काठा में यमुना नदी में नाव चलाता है। 14 तारीख की सुबह नाव में 30-35 सवारी लेकर काठा गांव की ओर से दूसरी छोर पर जा रहा था। नाव चलते ही पांच-छह लोग आए और मना करने के बाद भी चलती नाव में छलांग लगाकर सवार हो गए। उनके नाव में सवार होते ही वजन ज्यादा होने के कारण नाव पानी में डूब गई। रिजवान ने कहा खाद का एक भी बोरा नाव में नहीं था।
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नौ सवारियों को जिंदा और एक का निकाला शव
बागपत। रिजवान ने बताया नाव डूबने के बाद वह पानी से सवारियों को निकालने में जुट गया । नौ सवारियों को सकुशल और एक का शव निकाला। तभी ग्रामीणों ने हल्ला कर दिया। डर के कारण वहां से भाग गया।

रिजवान सिर्फ मोहरा, संचालक मवी कलां के
बागपत। आरोपी नाविक रिजवान ने बताया यमुना नदी के घाट काठा में मवी कलां गांव के चार लोग नाव चलवा रहे हैं। मवी कला के लोग ही नाविक को 10 हजार रुपये देते थे। उनके पास नाव का ठेका है या नहीं, इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है।

चंडीगढ़ में दोस्त के पास रहा, खुद थाने पहुंचा
बागपत। हादसा होने के बाद रिजवान सीधा हरियाणा होते हुए अपने दोस्त के पास चंडीगढ़ पहुंच गया । वहां पर ही उसने फरारी काटी। उसने कहा वह खुद ही थाने में आया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया।

रिजवान बोला, मौके से न भागता तो मार देते लोग
बागपत। रिजवान ने बताया नाव में ज्यादा सवारी होने के बाद किसी को बैठने से मना करता तो ग्रामीण उसके साथ गाली-गलौज कर धमकी देते थे। हादसे वाले दिन भी ऐसा ही हुआ । पानी में नाव डूबने के बाद वह सवारियों को निकालने लगा । ग्रामीण गाली-गलौच, धमकी देते रहे । यदि वहां से न भागता तो उसको मार डालते।

पहले कभी नहीं डूबी नाव
बागपत। रिजवान ने कहा उनके परिवार में नाव चलाने का काम है। वह बचपन से नाव चला रहा था। उनकी काफी नाव नहीं पलटी है। उस पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत है।
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