300 रुपये के विवाद में चिकित्सक के बेटे की गोली मारकर हत्या
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। महज 300 रुपये के लेन-देन के विवाद में दोस्तों ने ही चिकित्सक के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। आरोपियों में एक रेलवे कर्मचारी भी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी निजी चिकित्सक अशोक कुमार ने बताया कि उसका 33 वर्षीय बेटा दीपक वर्मा क्लीनिक पर ही मरीजों को दवाएं देता था। उसके दोस्त और कस्बे के निवासी आशू पुत्र नसरूद्दीन पर 300 रुपये उधार थे। वह बृहस्पतिवार को रुपये लेने के लिए आशू के घर गया तो उसे धमकी देकर घर से भगा दिया गया। शाम को पांच बजे आरोपियों ने फिर से उसके साथ मारपीट की। ग्रामीणों ने उसे किसी तरह बचा लिया। रात करीब 12 बजे बिजली चली गई। गर्मी अधिक होने के कारण दीपक वर्मा घर के बाहर टहलने लगा। इसी दौरान तीन युवक बाइक पर सवार होकर आए। उन्होंने दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके सिर में दो और पीठ में एक गोली लगी है। घटना को अंजाम देकर तीनों आराम से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीओ दिलीप सिंह और कोतवाली पुलिस पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पिता डॉ. अशोक कुमार ने आशू और उसके साथी इंतजार पुत्र नसरूद्दीन निवासी टटीरी, सुनील पुत्र सुखवीर निवासी मवीकलां थाना बालैनी को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। एएसपी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। आरोपियों को जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा। हत्यारोपी सुनील रेलवे कर्मचारी बताया जा रहा है। वह आशू का दोस्त है।
-------------------
दोस्तों ने ही ले ली जान
अग्रवाल मंडी टटीरी। दीपक वर्मा की हत्यारोपी आशू से दोस्ती थी। बृहस्पतिवार को उधार के रुपये लेने गया तो आशू के भाई की पत्नी से उसकी कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि दीपक ने महिला को कुछ गलत बात कही। आशू को जब इसका पता चला तो वह सहन नहीं कर पाया। उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर शाम पांच बजे उस पर हमला किया। लेकिन तब वह बच गया। इसके बाद रात में उन्होंने उसकी हत्या कर दी।
-------------------
चौकी के सामने से भागे हत्यारोपी
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे में दीपक वर्मा की हत्या चौकी से मात्र पांच मीटर की दूरी पर की गई। आरोपी चौकी के सामने से भाग निकले। लेकिन चौकी पर पुलिस न होने कारण आरोपी नहीं पकड़े गए। चौकी में पुलिस नहीं रहती। दिन भर चौकी पर ताला लटका रहता है। कस्बे में जब भी कोई घटना होती है तो बदमाश पुलिस चौकी वाले रास्ते से भागने में सफल होते है।