खेकड़ा के गांधी इंटर कॉलेज के मैनेजर चौधरी रामपाल सिंह की वर्ष 2010 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में 19 आरोपियों को दोषमुक्त किया। इसमें खेकड़ा की चेयरपर्सन के जेठ और देवर और बड़ौत की पूर्व ब्लाक प्रमुख अनीता बरखा के देवर अनुज बरखा भी शामिल हैं। छह आरोपियों की ट्रायल में मौत हो चुकी है।
मैनेजर रामपाल सिंह की आठ जुलाई 2010 को हत्या की। रामपाल के बेटे सहदेव ने खेकड़ा थाने में खेकड़ा पालिका की चेयरपर्सन नीलम के देवर पुष्पेंद्र, जेठ डॉ. सुरेंद्र, बड़ौत की पूर्व ब्लाक प्रमुख अनीता बरखा के देवर अनुज, खेकड़ा निवासी नीरज, प्रकाश, विकास, अमित, तेजेंद्र, छोटू उर्फ वीरपाल, वाजिदपुर के नितिन, मोंटू, अंकित, टीकरी कस्बा के राहुल, सोनू, बुढ़सैनी के नीटू, बड़ौत निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पिंकू, बावली के प्रदीप, मेरठ के करनावल के राहुल और राजू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियुक्तों के अधिवक्ता लोकेंद्र सिंह ने बताया केस एडीजे द्वितीय (एफटीसी) विपिन कुमार की कोर्ट में चल रहा था। 19 सदस्यों की कोर्ट में गवाही हुई। मृतक पक्ष के गवाह हत्या के साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर पाए। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी हरेंद्र, प्रकाश, नितिन, मोंटू, राहुल और राजू की केस के विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।
2014 को नितिन की मेरठ कचहरी में हुई हत्या
बागपत। केस के आरोपी नितिन वाजिदपुर की पांच सितंबर 2014 को मेरठ कचहरी में गोली मारकर हत्या की। दूसरी तरफ चेयरपर्सन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र की तीन माह पहले हत्या हुई थी। आरोपी मोंटू की गांगनौली के जंगल में बम फटने से मौत हो गई थी।