निलंबित ग्राम सचिवों से होगी लाखों की रिकवरी
बागपत। डीएम की संस्तुति पर निलंबित किए गए दाहा और औसिक्का गांव के तीन ग्राम सचिवों पर विकास कार्यों में करीब 60 लाख रुपये की धांधली मिली है। इन तीनों से अब रिकवरी की तैयारी शुरू हो गई है।
पंचायत निदेशक प्रवीणा चौधरी की जांच रिपोर्ट में मिले गोलमाल के आधार पर यह रिकवरी की जाएगी।
बता दें िकि बिनौली ब्लॉक के दाहा गांव में ग्राम विकास अधिकारी प्रवींद्र और मैनपाल की देखरेख में लाखों रुपये के विकास कार्य हुए। मंडलायुक्त को कुछ लोगों की ओर से की गई शिकायतों में शौचालय के निर्माण, सोलर लाइट और अन्य निर्माण कार्यों में धांधली के आरोप लगाए गए। इसके बाद पंचायत निदेशक प्रवीण चौधरी ने जांच की। इसमें सभी आरोप सही मिले। इसके अलावा बड़ौत ब्लॉक के औसिक्का गांव में भी ऐसा ही मामला सामने आया। यहां भी बड़े स्तर पर गोलमाल किया गया।
पंचायत निदेशक को जांच में दोनो गांवों में करीब 60 लाख रुपये की धांधली मिली। मंडलायुक्त के निर्देश पर तीनों ग्राम सचिवों निलंबन और धनराशि रिकवरी के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम की संस्तुति पर ग्राम सचिव प्रवींद्र, मैनपाल और प्रवींद्र कुमार को निलंबित करने की संस्तुति कर दी गई। खातों के लेन-देन पर भी लग गई। डीपीआरओ संजय कुमार यादव ने कहा कि तकनीकी समिति जो रिपोर्ट देगी। उसके बाद जितनी धनराशि का गबन सामने आएगा उसकी रिकवरी कराई जाएगी।
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ग्राम पंचायत-ग्राम विकास अधिकारियों में रोष
ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने तीनों ग्राम सचिवों के निलंबन की संस्तुति करने पर रोष प्रकट किया। पंचायत निदेशक द्वारा द्वेष के चलते रिपोर्ट दी है और एकतरफा कार्रवाई की गई है। आरोप लगाया कि निलंबन की संस्तुति से पहले नोटिस जारी कर दिया जो गलत है। संगठन इसका विरोध करता है। डीएम को शिकायत कर इसकी सही प्रकार से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।