बागपत। पुलिस लाइन में महिला सिपाही पत्नी की हत्या के बाद फांसी पर लटक कर सिपाही के आत्महत्या के मामले में दोनों परिवारों ने कार्रवाई करने से मना कर दिया। पुलिस ने 15 घंटे बाद सिपाही दंपती के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के परिजन अपने शव को लेकर गए।
रविवार को पुलिस लाइन में आरटीआई सेल बागपत में तैनात महिला सिपाही ज्योति रोहिला (27) की उसके ही पति वीरेंद्र निवासी गांव भकावा थाना शेरगढ़ जनपद बरेली ने पिटाई करने के बाद गले में पानी गर्म करने की रॉड के केबल से फांसी लगाकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी पति ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। आरोपी पति यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुआ । हाल में वह लखनऊ के काकौर थाने में तैनात था। घटना की सूचना पर एसपी शैलेश कुमार पांडेय, एएसपी रणविजय सिंह, सीओ ओमपाल सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। दोनों के परिजनों को सूचना दी। शव के पास से आरोपी पति द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। इसमें महिला सिपाही के जीजा और मौसा-मौसी को घटना का जिम्मेदार ठहराया । रात्रि में दोनों मृतकों के परिजन नहीं आए, तो पुलिस ने कमरे का ताला लगाया। पूरी रात कमरे में ही दोनों शव पड़े रहे। सोमवार की सुबह परिजनों के आने पर पुलिस ने 15 घंटे बाद शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पांच चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। दोनों मृतक के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के परिजन अपने शव को घर लेकर चले गए। दोनों ही परिवारों ने कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि बहुत ही दुखद घटना है। किसी को यदि कोई समस्या है, उसका समाधान हो सकता है, लेकिन इस तरह से नहीं करना चाहिए। दोनों सिपाहियों के परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया है।
पत्नी से मांगता था सैलरी का हिसाब
बागपत। मृतक महिला सिपाही के भाई दीपक ने बताया कि ज्योति ने बिना दहेज के शादी की । उसका पति शादी के बाद से उसे प्रताड़ित करने लगा । उसकी सैलरी का हिसाब मांगने लगा। उसकी नजर उसके रुपये पर थी। इसे लेकर उनमें विवाद रहता था। 21 फरवरी को वीरेंद्र ने फोन कर ज्योति को मारने की धमकी भी दी, लेकिन वे उसकी धमकी को हल्के में ले गए। यदि उन्हें पता होता कि वह उसकी हत्या कर देगा तो ज्योति को कभी अकेला नहीं छोड़ते।
सिपाही दंपती ने की खरीददारी
बागपत। पुलिस ने बताया कि मृतक सिपाही वीरेंद्र सात मार्च को थाना काकौर लखनऊ से तीन दिन की छुट्टी लेकर आया। रविवार को उसे वापस जाना था। रविवार को दिन में ढाई बजे के लगभग दोनों बाजार से खरीददारी भी करके लाए । पुलिस लाइन के आवासों में रहने वाले लोगों ने उन्हें एक साथ घूमते हुए भी देखा, लेकिन इसके बाद वे अपने कमरे में चले गए।
परिजनों को कुछ नहीं बताता
बागपत। मृतक सिपाही वीरेंद्र के बड़े भाई अशोक ने बताया कि चार माह पहले ही दोनों की शादी हुई । वह परिजनों को अपनी जिंदगी के बारे में कुछ भी नहीं बताया।