बागपत। दिल्ली की एक आईएएस अधिकारी ने बागपत में पहुंचकर डीडीओ हुब लाल को बताया कि पशु चिकित्सा विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी दिव्यांग नहीं थी। उसने आईएएस की परीक्षा पास कर गलत तरीके से फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर उच्च पद पर तैनात हो गई है। दिल्ली की एक आईएएस अधिकारी ने डीडीओ से इसके अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। उसने बताया कि दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने आंख को सही बताकर दिव्यांग कोटे से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह बागपत में तैनात रही। यही पर रहकर उसने आईएएस की तैयार की । डीडीओ हुब लाल ने उन्हें पूरी सहयोग करने का आश्वासन दिया। दूसरी तरफ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि काफी समय पहले महिला कर्मचारी तैनात थी। वह किसी भी तरह की दिव्यांग नहीं थी, न ही कोई प्रमाणपत्र लगाया। यदि दिल्ली की आईएएस अधिकारी लिखित में उनसे अभिलेखों की मांग करती है तो उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।