बागपत। जिला जेल में शनिवार को फिर से बंदियों के दो गुटों संघर्ष हुआ। इसमें तीन से अधिक बंदी घायल हो गए हैं। इसकी सूचना मिलते ही जेल परिसर में अफरा तफरी मच गई। जेल प्रशासन ने पीएसी की मदद से बंदियों पर काबू पाया। इसके बाद जेल अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मारपीट करने वालों में एक कुख्यात बदमाश भी शामिल रहा। जिला जेल में पांच मार्च को बंदियों के दो गुटों के बीच संघर्ष हुआ, इसमें दो जेल कर्मियों सहित पांच से अधिक बंदी घायल हो गए थे। जेल प्रशासन अभी इस घटना की जांच कर ही रहा था कि शनिवार को फिर जेल में बंदियों के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर मारपीट हो गई। इसमें विरेंद्र, प्रशांत सहित तीन बंदी घायल हो गए। जेल में मारपीट होने की सूचना मिलते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया। जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां तैनात स्टाप की मदद से कैदियों को हटाने का प्रयास किया, जब मामला नहीं सुलझा तो पीएसी की मदद लेनी पड़ा। इसके बाद मारपीट करने वाले दोनों गुटों के कैदी अलग हो सके।
सूत्रों ने बताया कि मारपीट करने वालों में एक लाख के ईनामी रहे प्रमोद गांगनौली का भाई रवि राठी भी शामिल रहा। मारपीट की सूचना पर जेल अधिकारियों ने पीएसी बुलाकर बंदियों पर काबू पाया। अधिकारियों ने मारपीट करने वाले कैदियों अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कराया। जेलर रविंद्र कुमार ने बताया कि रवि गांगनौली और वीरेंद्र घनौली के गुर्गों के बीच हल्की झड़प हुई। उन्हें अलग-अलग बैरकों में बंद करा दिया गया है।