बागपत। गढ़ी नवादा गांव में नौ वर्षीय देव ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को कुत्तों के झुंड से बचाया। जख्मी हालत में उसका उपचार भी कराया। वन विभाग को इसकी जानकारी दी, टीम गांव नहीं पहुंची। रविवार को मोर ने दम तोड़ दिया।
शनिवार को शाम के समय गढ़ी नवादा गांव में कुत्तों के झुंड ने राष्ट्रीय पक्षी मोर पर हमला बोला। गांव के नौ वर्षीय देव पुत्र राजकुमार की नजर उस पर गई तो उसने साहस कर कुत्तों से मोर को बचाया । इसके बाद उसका उपचार कराया और वन विभाग को जानकारी दी, लेकिन रविवार तक भी वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। मोहल्लों के लोगों ने बताया कि वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को इसकी जानकारी शनिवार को दी, लेकिन कोई सुध नहीं ली। रविवार को वन विभाग को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने गांव का रास्ता लंबा होने का बात कहकर सोमवार को आने की बात कही , लेकिन इससे पहले ही मोर ने दम तोड़ दिया। गांव के मोनू कश्यप, रामभरोसो, बॉबी, मोहित पांचाल, शेर सिंह ने जंगल में ले जाकर मोर को दफना दिया। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मोर की हालत में सुधार बताया। इस कारण उन्हें सोमवार को आने की बात कहीं । मोर की मौत हो गई है, इसकी जानकारी नहीं है।