बागपत। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट कक्षा के विज्ञान वर्ग के अंग्रेजी द्वितीय प्रश्नपत्र के परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल होने के मामले में जांच शुरू हो गई है। प्रशासन की टीम ने प्रकरण की एसटीएफ से विस्तृत जांच करो की संस्तुति की है। डीआईओएस ने एसपी से मिलकर तीन अलग-अलग प्रार्थना पत्र दिए। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ रमाला को दी । सीओ ने निलंबित प्रधानाचार्य से मोबाइल पर ही बातचीत कर जानकारी जुटाई है।
बुधवार को भी इंटर के अंग्रेजी द्वितीय के पेपर वायरल का मामला गूंजता रहा। डीआईओएस पीके मिश्रा ने एसपी जयप्रकाश से मुलाकात की। पूरे प्रकरण से अवगत कराया और तीन अलग-अलग प्रार्थना पत्र दिए। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और प्रकरण में कार्रवाई की मांग की। उधर, एसपी जयप्रकाश ने प्रकरण की जांच सीओ रमाला को दी। सीओ ने मोबाइल पर निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी मांगी। पूर्व प्रधानाचार्य ने उनके पास पेपर पहुंचने से लेकर जेडी दिव्यकांत शुक्ला तक शिकायत करने के विषय में बताया। यह भी बताया कि उन्हें पेपर कहां से मिला है। जांच में सहयोग का भरोसा भी पुलिस को दिया। उधर, डीडीओ हूबलाल ने बताया कि मंगलवार रात आठ बजे से साढे़ 10 बजे तक उन्होंने मोबाइल पर सुक्रमपाल तोमर से बातचीत की गई। उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी है। उन्होंने करीब 71 पेज का मैटर उपलब्ध कराया है, कई महत्वपूर्ण नाम भी बताए हैं, जिनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इस रिपोर्ट को तैयार कर एडीएम लोकपाल सिंह को भेजा है। इसमें प्रकरण की एसटीएफ से जांच कराने की संस्तुति की है। इसके अलावा निलंबित प्रधानाचार्य को सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
जांच में शामिल हुए कई बड़े नाम
बागपत। डीडीओ हूबलाल ने बताया निलंबित प्रधानाचार्य ने कई महत्वपूर्ण नाम बताए हैं। इनमें स्कूलों के प्रबंधक और अधिकारी भी शामिल हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेजी। सख्ती से जांच हुई शिक्षा माफिया का गठजोड़ की कलई खुल सकती है।
कासगंज पेपर वायरल से तो नहीं जुड़े तार
बागपत। कासगंज में पेपर वायरल करने वाल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। कहीं इसी गिरोह से तो जिले के तार नहीं जुड़े हैं। पुलिस-प्रशासन गोपनीय तरीके से इसकी जांच भी करा रहा है, क्योंकि रसायन विज्ञान का पेपर बागपत में भी लीक होने की शिकायत की।
पेपर लीक से इंकार करते रहे अफसर
बागपत। शिक्षा विभाग और जांच टीम के अधिकारी बुधवार को पेपर लीक से इंकार करते रहे हैं। सीडीओ चांदनी सिंह ने कहा बागपत से पेपर लीक नहीं हुआ है, जो पेपर वायरल हुआ है यह किसी दूसरे जिले से हुआ है, इसी की जांच कराई जा रही है।
कक्ष निरीक्षकों की तैनाती भी जांच के घेरे में
बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती भी जांच के घेरे में हैं। जेडी दिव्यकांत शुक्ल पहले ही इसकी जांच कराने की बात कह चुके हैं। कई परीक्षा केंद्रों पर गलत तरीके से नियुक्त कक्ष निरीक्षक पकड़े गए थे, इसके बाद सख्ती शुरू हुई। छपरौली थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
व्हाट्स एप पर वायरल, मोबाइल पर जांच
बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा का पेपर व्हाट्स एप के जरिए वायरल हुआ। दिलचस्प बात यह है कि पूरी जांच भी मोबाइल पर कॉल और व्हाट्स एप के जरिए ही चल रही है। डीडीओ ने जांच मिलते ही मंगलवार रात ही सूचना देने वाले निलंबित प्रधानाचार्य से मोबाइल पर लंबी बातचीत की और व्हाट्स एप मंगाए। बुधवार को सीओ रमाला ने भी मोबाइल पर ही बातचीत की। पूर्व प्रधानाचार्य ने मोबाइल के जरिए ही अपना पक्ष रखा है।
सर्विलांस पर मोबाइल
बागपत। पेपर वायरल होने के मामले में पुलिस हरकत में आ गई है। कई मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।