बागपत। पुलिस की अदूरदर्शिता से दो पक्षों में चल रही कहासुनी अब खूनी रंजिश में बदल गई है। सलावतपुर खेड़ी गांव में मामला प्रधानी के चुनाव को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ। इसके बाद गांव के विकास कार्यों में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने शुरू किए। जिला पंचायत की ओर से बनवाई जा रही सड़क का विवाद इतना बढ़ गया कि एक हत्या कर दी। पुलिस मामले में बेहद लापरवाही बनी रही, इस कारण सलावतपुर का झगड़ा अब खूनी हो चुका है।
गांव के वर्तमान प्रधान अमरदीप सिंह के परिवार से पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह चुनाव के समय से ही रंजिश रखता है। आरोपी कई बार उनसे झगड़ा कर चुके हैं। जिला पंचायत की सड़क को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रधान अमरदीप का कहना है कि रास्ते का निर्माण जिला पंचायत करा रही थी। पूर्व प्रधान राजेंद्र रास्ते की चौड़ाई कम कराना चाहता था। इसको लेकर कई माह तक रास्ते निर्माण का कार्य अधर में लटका रहा था। तीन जुलाई को अफसरों ने इसका निस्तारण कराया था। तभी से आरोपी उनको भुगतने की धमकी दे रहा था। इसकी खेकड़ा पुलिस से शिकायत की। उनके भतीजे गौतम पर पिछले दिनों हमला किया । उसकी भी पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी का ही यह नतीजा हुआ कि आरोपियों ने खून खराबा कर दिया।
पीड़ितों का कहना है कि हमलावर जिस समय गोली चला रहे थे। उन्होंने किसी तरह अपने मकान के दरवाजे बंद किए। यदि ऐसा न करते तो हमलावर मकान में घुसकर यहां अन्य कई लोगों की हत्या कर सकते थे।
हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। करीब तीन मिनट के अंदर खून-खराबा कर दिया। दो दर्जन से अधिक राउंड फायर किया। गली में फायरिंग करते हुए आराम से चले गए। मृतक के मकान के गेट और दीवार के अलावा पड़ोस के मकानों में भी गोली के निशान बने हैं। हमलावरों ने जाते हुए धमकी भी दी है। गांव की गलियां सूनसान हो गई।
सलावतपुर खेड़ी के पवन की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। युवक की हत्या से परिवार में गम का माहौल है। वारदात के वक्त पवन अपने घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था।