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रात में किसने जिला अस्पताल बुलाया था प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट

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बागपत। जिला अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सीएमएस की ओर से कई बिंदुओं पर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया। सीएमओ की ओर से गठित टीम की जांच रिपोर्ट में सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह एवं वारदात की रात ड्यूटी पर तैनात रहे डॉ. भूपेंद्र कुमार की लापरवाही मानी गई है। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी। प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट को रात के समय ड्यूटी पर नहीं बुलाया जा सकता। इस बिंदु पर भी जांच चल रही है।
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सोमवार की रात में जिला अस्पताल में भर्ती नर्सिंग की छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने एसीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. भुजवीर एवं डॉ. शिल्पी सिरोही की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। टीम की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। यह रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी। सीएमओ ने बताया कि प्रशिक्षु फार्मेसिस्टों को दिन में प्रशिक्षण दिया जाता है। रात में उसे कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। उसे जिसने भी रात में बुलाया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वार्ड ब्वाय को इमरजेंसी वार्ड में क्यों रहने दिया गया। जबकि उसकी ड्यूटी इमरजेंसी में चिकित्सक के पास रहनी चाहिए थी। डॉ. भूपेंद्र ने तीन घंटे देरी से घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके लिए वह जिम्मेदार है। उन्हें तुरंत जानकारी देनी चाहिए। घटना होने के बाद सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह देरी से अस्पताल पहुंचे। उन्हें तीन बजे सूचना दे दी, लेकिन वह साढ़े चार बजे अस्पताल पहुंचे। जबकि निकट ही सीएमएस का आवास है। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े है। उन्हें आज तक ठीक क्यों नहीं कराया। जबकि शासन से उनकी रिपेयरिंग के लिए बजट आता है। सीएमओ ने सीएमएस और वारदात की रात में नाइट में इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. भूपेंद्र कुमार के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव लखनऊ को फाइल भेज दी गई है। अब वे ही मामले में कार्रवाई के आदेश देंगे।


मुझे फंसाया जा रहा, निर्दोष हूं : डॉ. भूपेंद्र कुमार
वारदात की रात में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात रहे डॉ. भूपेंद्र कुमार का कहना है कि पूरे प्रकरण में वह पूरी तरह से निर्दोष हैं। उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। पीड़ित को भर्ती करने से लेकर वार्ड में शिफ्ट करने तक के उनके पास पर्याप्त प्रमाण है। वह इस प्रकरण में पूरी तरह निर्दोष हैं।
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किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह का कहना है कि उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराने के बाद सीएमओ को अवगत कराने के बाद ही मीटिंग में आगरा गए थे। आरोपियों ने कैमरे खराब किए थे, उनके स्तर से प्रकरण में न तो लापरवाही बरती गई और न ही कोई सूचना देने में देरी की गई।
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