बागपत। जिला अस्पताल में भर्ती नर्सिंग की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मौके पर मौजूद स्टाफ ने डॉ. भूपेंद्र पर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया और मामले को उलझाए रखा। इस मामले में अस्पताल के कई कर्मचारी पुलिस जांच के दायरे में हैं।
जिला अस्पताल में सोमवार की रात में वार्ड ब्वाय यतेंद्र शर्मा उर्फ भूरा और प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट दिलशाद ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नर्सिंग की छात्रा को नशे का इंजेक्शन लगाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि जानकारी उन्हें एक बजे के लगभग लग गई । उन्होंने दोनों आरोपियों को पकड़ कर अंदर कमरे में बैठा लिया था। पीड़ित छात्रा के जीजा और आरोपियों में गली गलौज भी हुई। उन पर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया। तीन बजे उन्होंने सीएमओ को फोन पर घटना का जानकारी दे दी। इसके बाद स्टाफ ने दोनों आरोपियों को अस्पताल से भगा दिया था। इस मामले में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। अस्पताल के कई कर्मचारी जांच में दायरे में हैं। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अस्पताल के कई कर्मचारी जांच के दायरे में है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।