अमीनगर सराय (बागपत)। दिन दहाड़े 50 लाख रुपये की डकैती के बाद व्यापारी अपनी सुरक्षा को लेकर अब पुलिस पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को संदिग्ध युवक एक व्यापारी के घर में घुस गया। व्यापारियों ने लाइसेंसी असलाह से फायरिंग शुरू कर दी। लोगों ने घेराबंदी कर आरोपी युवक को पकड़ लिया और धुनाई कर पुलिस को सौंप दिया। जांच में पता चला आरोपी युवक की दिमागी हालत ठीक न होने के कारण पुलिस ने उसको छोड़ दिया।
कस्बा के जैन मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यापारी केशो जैन की पत्नी कुंता जैन बृहस्पतिवार को मकान में अकेली थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक मकान में घुस गया। उसे देखकर उसकी चीख निकल गई। घर पर आस-पड़ोस की महिला-पुरूष इकट्ठे हो गए और बदमाश-बदमाश आने का शोर मचा दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। व्यापारियों ने अपनी लाइसेंस असलाह से हवाई फायरिंग कर दी। आरोपी युवक को पकड़ लिया । उसकी जमकर धुनाई की। बाद में उसको पुलिस को सौंप दिया। कार्यवाहक थाना प्रभारी रजनीश कुमार ने कहा पकड़ा युवक बुढ़सैनी गांव का है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। तलाश करते हुए परिजन थाने में पहुंचे। उन्होंने पूरी जानकारी दी। बाद में आरोपी युवक को छोड़ दिया।
एक सप्ताह पहले डकैती डाल
फायरिंग कर भागे थे बदमाश
अमीनगर सराय। कस्बा के सराफ विपुल जैन की दुकान पर 24 अगस्त की शाम पहुंचकर छह बदमाशों ने 50 लाख रुपये की डकैती डाली । बाद में फायरिंग करते भाग गए। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ । चार दिन बाजार बंद रहा।
डकैती केस में पुलिस खाली हाथ
बागपत। डकैती केस में पुलिस 200 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है। कई बार अहम क्लू हाथ लगने का दावा कर चुकी है, लेकिन पुलिस खुलासा तो दूर बदमाशों के करीब भी नहीं पहुंच गई। पुलिस अभी तक पूरी तरह से खाली हाथ है।
लखनऊ के अफसरों ने दिखाई सख्ती
बागपत। लखनऊ के अफसर डकैती की वारदात को लेकर सतर्क है। जनपदीय अफसरों से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। केस का खुलासा करने के निर्देश दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो कामयाबी न मिलने पर अफसरों से सख्ती से पेश आ रहे है।
व्यापारियों में बढ़ रहा आक्रोश,
फिर हो सकता है बाजार बंद
बागपत। एएसपी अजय कुमार सिंह और एसडीएम विवेक कुमार यादव ने व्यापारियों को जल्द ही केस का खुलासा करने का आश्वासन दिया । इसके बाद ही बाजार खुला, लेकिन केस का पर्दाफाश न होने से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। सात सितंबर तक केस का खुलासा नहीं होता है तो दोबारा व्यापारी आंदोलन कर सकते हैं।