बागपत। दत्तनगर गांव में तांडव मचाने वाले बदमाशों ने शुक्रवार को दिन ढलते ही डेरा डाल दिया था। एक पीड़ित को बदमाश आने का पहले ही आभास हो रहा है। उसको मकान के पास ही दुर्गंध और छत पर संदिग्ध लोग प्रतीत हो रहे थे। उसने पुलिस अफसरों को भी इसकी जानकारी दी । पुलिस अफसरों का दावा है कि वारदात को लोकल के ही बदमाशों ने अंजाम दिया है।
पीड़ित दुकानदार मुनेश उर्फ मुकेश गिरि ने कहा दो बदमाश रात में करीब दो बजे उनके मकान में घुसे। उसकी पत्नी के कुंडल और उसकी पेट-शर्ट लेकर गए हैं। इसमें दस हजार रुपये नगद और मोबाइल था। तलाश करने पर शर्ट खेत में मिल गई है। जांच करने मकान में पहुंचे पुलिस अफसरों को उसने बताया उसे और उसकी पत्नी को रात को सोने से पहले ही बदमाशों का आभास हो गया था। उनके मकान में शराब की दुर्गंध आ रही थी। मकान की छत पर भी संदिग्ध लोग प्रतीत हो रहे थे। उसको आशंका है कि रात को ही मकान की छत पर बदमाश आ गए थे। हालांकि मकान की छत के दूसरी ओर उसकी माता चंद्रवती और बेटा समेश सो रहा था। उनको बदमाश दिखाई नहीं दिए।
विरोध करने पर ईंट मारकर गए बदमाश
बागपत। पीड़ित का कहना है कि लूट का विरोध करने पर बदमाश ईंट मारकर छत के रास्ते भागे है। उसकी आठ वर्षीय बेटी उर्वशी ने बदमाश भागते हुए देख। बच्ची पूरी तरह डरती रही, उसको नींद भी नहीं आई।
गांव के हर रास्ते और मकानों
से वाकिफ है बदमाश
बागपत। जिस तरह से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। इससे पता चलता है कि बदमाश गांव की प्रत्येक गली और मकानों से वाकिफ है, उनको पता है कि किस मकान में कौन सा रास्ता जाता है। अधिकांश मकानों में बदमाश छत के रास्ते ही घुसे हैं। उधर, एसपी जय प्रकाश का भी कहना है कि बदमाश लोकल ही है। उनका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मकान में छोड़कर गए ब्लेड
बागपत। पीड़ित मुनेश गिरि के मकान में बदमाश अपना सेविंग ब्लेड भी छोड़कर गए हैं। पुलिस ने उसको कब्जे में ले लिया है।
वारदात के वक्त प्रधान गुड्डी
के मकान में कौन कहां था
बागपत। ग्राम प्रधान गुड्डी देवी के मुताबिक जिस समय वारदात हुई, उस समय वह अपने देवर सुशील और सास राजो के साथ खेत में पशुओं का दूध निकालने गई थी। बेटा सगुन (6) मकान के कमरे में चारपाई पर सो रहा था। वहां से बदमाशों ने मोबाइल उठाया है। मृतका सास का बेटा अरुण गांव में दूसरे मकानों से दूध लेने गया था। उनके देवर सुशील और उनकी पत्नी रीतू, बच्चे (संस्कृति, कार्तिक, खुशी) मकान की छत पर बने एक कमरे में सो रहे थे। दूसरे कमरे में देवर पवन और मायके आई ननद अनीता सोई रही थी, लेकिन किसी को भी वारदात का पता नहीं चला। बदमाश मकान की छत से सीढ़ी के रास्ते उतरे हैं। बाद में सीढ़ी को थोड़ी दूरी पर ही छोड़कर चले गए।