बागपत। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपहृत किशोरी बरामद न होने पर पंचायत हुई। निर्णय लिया कि गांव के लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं। किशोरी को बरामद कराने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया जाएगा। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा पुलिस भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा एक सप्ताह बाद भी पुलिस अपहृत किशोरी को बरामद नहीं कर पाई है, जबकि परिजनों ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई हुई । पुलिस ने एक भी आरोपी को उठाकर पूछताछ तक नहीं की। आरोपी गांव में खुले घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार पुलिस को यहां तक बता चुका है कि किशोरी सहारनपुर जनपद के मंदोर गांव में है और उसे बंधक बनाकर रखा हुआ है। इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित परिवार पर कई बार फैसले का दबाव तक बनाया गया। पंचायत में पीड़ित परिवार व आरोप पक्ष के लोगों को भी बुलाया। आरोपी पक्ष के लोगों ने किशोरी को बरामद कराने में सहयोग देने को कहा। पंचायत में निर्णय हुआ कि पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ है। उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस पर दबाव बनाया जाएगा। पंचायत में दोनों समुदाय के काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
यह था मामला
बागपत। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से 14 मई की सुबह भाई के सामने से ही तीन-चार युवक 15 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर ले गए थे। विरोध करने पर भाई को मारपीट कर घायल कर दिया । इस मामले में किशोरी की मां ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी को तलाश कराने के बहाने आरोपी पक्ष के लोग किशोरी को पिता को सहारनपुर े मंदोर गांव ले गए। वहां पर उसे दो दिन तक बंधक बनाकर रखा। किसी तरह पिता बंधन मुक्त होकर अपने घर पहुंचा। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है।