बागपत। टीकरी कांड के मामले में कोर्ट ने साढ़े दस साल बाद महाराजगंज जेल में बंद सोनू टीकरी सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सोनू हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल गिरोह का शूटर हैं। केस के दो आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। इन पर दोष सिद्ध हो गया, लेकिन कोर्ट ने सजा नहीं सुनाई। कोर्ट ने दोनों मुल्जिमों के गैर जमानती वारंट जारी किए।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया टीकरी कस्बा के शमशाद ने 18 जनवरी 2007 को दोघट थाने में दी तहरीर में बताया था वह 17 तारीख की रात में अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। रात्रि में करीब एक बजे आसपास बदमाश-बदमाश का शोर मचा तो वह अपने भाइयों के साथ मकान से बाहर आ गया । देखा तो पड़ोसी सोमपाल के मकान में कुछ बदमाश घुसे हैं और मारपीट की आवाज आ रही है। मोहल्ले के काफी लोग मौजूद थे। दो बदमाश हथियारों के साथ सोमपाल के मकान के पास खड़े थे। उनको पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी । एक गोली उसके भाई संसार की छाती में लगी और दूसरी गोली भाई वकील को लगी । बदमाशों ने सोमपाल के परिवार के साथ भी मारपीट की । अंधेरा का फायदा उठाकर 5-6 बदमाश भाग गए। घायलों को अस्पताल ले जाते समय भाई संसार की मौत हो गई । अन्य घायलों को बड़ौत अस्पताल में भर्ती कराया । इस मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ ।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया पुलिस की विवेचना में टीकरी कस्बा के उत्तम, सोनू, राहुल, विपिन और सुखपाल का नाम प्रकाश में आया । पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया । केस एडीजे प्रथम रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा है। आरोपी सोनू महाराजगंज जेल में बंद है। अन्य आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए हुए हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर साक्ष्य के आधार पर आरोपी सोनू, विपिन और सुखपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दो आरोपी उत्तम और राहुल कोर्ट में पेश हुए नहीं। इन दोनों पर भी केस का आरोप सिद्ध हो गया। कोर्ट में न आने के कारण सजा पर सुनाई नहीं हो पाई। एडीजीसी ने बताया दोनों मुल्जिमों के कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं। 28 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।