बागपत। कोतवाली क्षेत्र के गांव में महिला से दुष्कर्म एवं जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित की शिकायत पर एएसपी ने मुकदमे की विवेचना कर रही महिला दरोगा से स्पष्टीकरण मांगा।
25 मार्च की रात्रि में महिला से उसके देवर ने दुष्कर्म किया । जब उसने ससुराल वालों को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। उसके पति ने आग बुझाई। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की । 19 अप्रैल को कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आसिफ, रुखसाना, साहिबा, इलियास, शानू, आस मोहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । इस मुकदमे की विवेचना महिला दरोगा चंद्र रेखा को दी। मुकदमा दर्ज होने के एक माह बाद भी विवेचक ने घटना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण नहीं किया। जबकि हाईकोर्ट के सख्त निर्देश है कि महिला उत्पीड़न के मामलों में 24 घंटे के अंदर विवेचक को घटना स्थल पर पहुंचना होगा। बृहस्पतिवार को पीड़ित महिला ने एएसपी रण विजय सिंह से शिकायत की। एएसपी ने महिला दरोगा को तलब कर उससे स्पष्टीकरण मांगा। मुकदमे की विवेचना दूसरे दरोगा को देने के निर्देश दिए। एएसपी ने बताया कि एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने पर विवेचक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। महिला उत्पीड़न के मामलों में विवेचकों को तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए। यदि दरोगा की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।