बागपत। क्यामपुर और गाधी गांव के प्राथमिक विद्यालय एवं पंचायत घर में बंद दो बेसहारा गोवंशीय बछड़ों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बछड़ों के शवों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया। क्यामपुर गांव में ग्राम सचिव ने पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि मंगलवार को गोवंशीय पशुओं को गोशाला में भिजवा दिया जाएगा। हाल में ही छोड़े गए दो गोवंशीय बछड़ों को ग्रामीण वापस घर ले गए। गाधी गांव में शनिवार की रात में किसी ने पंचायत घर का ताला तोड़कर गोवंशीय पशुओं को आजाद कर दिया। गोवंशीय पशुओं का प्रबंध न करने पर ग्रामीणों में जिला प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। गांव भगोट में भी ग्रामीणों ने 60-70 पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद कर दिए।
क्यामपुर गांव में चार दिन पहले ग्रामीणों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ कर प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बंद कर दिया था। छह पशु भूख और सर्दी से बीमार हो गए। शनिवार की रात में गोवंशीय बछड़े की मौत हो गई। ग्रामीणों ने मृत बछड़े के शव को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया। रविवार की सुबह ग्राम सचिव गंगाराम गांव में पहुंचे और गोवंशीय पशुओं को लेकर ग्रामीणों से वार्ता की। ग्राम सचिव ने आश्वासन दिया कि बेसहारा गोवंशीय पशुओं को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। मंगलवार तक पशुओं को गोशाला में भिजवा दिया जाएगा। उन्होंने पशुओं को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन ग्रामीणों ने पशुओं को छोड़ने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि हाल ही में जिस ग्रामीण ने गोवंशीय बछड़ों को छोड़ा है, वह उन्हें वापस घर ले जाएंगे।
वहीं गाधी गांव में ग्रामीणों ने 20-25 आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर पंचायत घर में बंद कर दिया । रात में गोवंशीय बछड़े की मौत हो गई। रात्रि मेें बछड़े की मौत के बाद किसी ने पंचायत घर का ताला तोड़कर पशुओं को आजाद कर दिया। रविवार की सुबह ग्रामीणों ने बछड़े के शवों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने गोवंशीय पशुओं की कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों में जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ गुस्सा है।
ग्रामीण खिला रहे चारा, स्कूल के बाहर हुई मौत
बागपत। क्यामपुर गांव की प्रधान अनीता देवी के पति मुकेश कुमार ने बताया कि जिन ग्रामीणों ने बछड़े छोड़े थे, वह वापस ले गए। स्कूल में गोवंशीय बछड़े की मौत नहीं हुई है। स्कूल के बाहर बछड़ा मरा है। स्कूल में बंद पशुओं के लिए चारे व पानी की पूरी व्यवस्था है। ग्रामीण गोवंश की सेवा कर रहे हैं। जब तक पशुओं को गौशाला में नहीं भिजवाया जाता, तब तक वे इन्हें नहीं छोड़ेंगे। स्कूल भी नहीं खुलने देंगे।
भगोट के 60-70 आवारा गोवंशीय पशुओं में बंद किया
बागपत। क्षेत्र के गांव भगोट के ग्रामीणों ने रविवार को गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में करीब 60-70 आवारा गोवंशीय पशुओं में बंद कर दिया। इसमें युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। गांव प्रधान अजीत सिंह ने बताया कि कुछ लोग टैपों में लादकर आवारा गोवंशीय पशुओं को छोड़ गए हैं। उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने लोगों के गांव की सीमा में पशु छोड़ते देखा है। उन्होंने डीएम से हस्तक्षेप कर आवारा गोवंशीय पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
ककड़ीपुर में पंचायत घर में बंद गए गोवंशीय पशु
रमाला। ककड़ीपुर गांव में ग्रामीणों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंशीय पशुओं को पंचायत घर में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि 40-45 पशु पकड़े गए हैं। गोवंशीय पशुओं को गोशाला में भिजवाया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पशुओं का इंतजाम नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम
दाहा/दोघट । बामनौली व भड़ल गांव में आवारा गोवंशीय पशुओं को लेकर पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा गोवंशीय पशु किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। भड़ल की पंचायत में चेतावनी दी की यदि 17 जनवरी तक प्रशासन ने गोवंशीय पशुओं को गोशाला में नहीं भिजवाया तो 18 जनवरी को आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर कलक्ट्रेट व तहसील मुख्यालयों में बंद कर देंगे। बामनौली की पंचायत में निर्णय लिया कि 16 जनवरी को पंचायत होगी। इसके बाद थाने और स्कूल में गोवंशीय पशुओं को बंद करेंगे। बामनौली में पंचायत की अध्यक्षता जयप्रकाश सिंह ने की। संचालन डॉ. संजीव तोमर ने किया। इसमें राम कुमार, नरेश तोमर, सुभाष खोखर, अरविंद, सोनू, अजय, राजेंद्र, रामवीर, प्रहलाद, रोशन, रामपाल, रामरोशन टापा, रामेहर आदि मौजूद रहे।
भड़ल में पंचायत की अध्यक्षता ब्रहम सिंह एवं संचालन सुधीर राणा ने किया। इसमें किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक नरेंद्र राणा, ओमवीर, सहाब सिंह, रामपाल, चंद्रहास, अमित, बिल्लू, सुक्कन, प्रेमपाल, सुदेश, राजीव राणा, सुरजवीर, मिथ्थू, सतपाल, धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
दुर्घटनाओं का कारण बन रहे गोवंशीय पशु
छपरौली (बागपत)। कस्बे में आवारा गोवंशीय पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। सड़कों के बीच में खड़े रहते हैं। जिस कारण कई बार हादसे भी हो चुके है। क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में घूम रहे गोवंशीय पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी उनका कोई प्रबंध नहीं कर रहे हैं। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, देवेंद्र, नरेंद्र, राजीव, सुधीर कुमार, नीरज शर्मा, सुखपाल सिंी, हरवीर सिंह, जय कुमार आदि ने आवारा गोवंशीय पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग की।