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धनौरा सिल्वरनगर गांव में ढाई क्विंटल मावा पकड़ा

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बागपत। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिल्ली और पश्चिम यूपी के कई जिलों में सप्लाई के लिए तैयार किए जा रहे मिलावटी मावा के खेल पकड़ा। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने टीम के साथ धनौरा सिल्वरनगर गांव में छापा मारा। इस दौरान करीब ढाई क्विंटल मिलावटी मावा पकड़ा। टीम ने गांव में 15 भट्टियों पर छापा मारा, लेकिन अधिकतर लोग इधर-उधर छिप गए। एसडीएम ने कहा प्रत्येक बिंदु की जांच की जा रही है।
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बागपत एसडीएम विवेक कुमार यादव ने बताया कि बिनौली थाना क्षेत्र के धनौरा सिल्वरनगर गांव में मिलावटी मावा बनाकर दिल्ली और आसपास के जिलों में सप्लाई करने की शिकायत प्रशासन को मिली । शिकायत प्राप्त होते ही प्रशासन की टीम छापेमारी की। सलीम के घर में संचालित मावा भट्टी पर पाउडर और डालडा से कृत्रिम मावा तैयार किया जा मिला। भट्टी संचालक ने कहा उसके पास लाइसेंस है, लेकिन मौके पर नहीं दिखाया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने जमील, वाहिद, सलीम, सादा, नरेश, मोमिन, बाबू, ताहिर, याकूब, जमशेद, मेराज, और विपिन के घर सहित गांव में 15 भट्टियां संचालित होने की जानकारी दी।
एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने एक-एक घर का निरीक्षण करने पर मौके पर गरम भट्टियों में पानी डालकर बुझाया। यही नहीं छापे मारी की प्रक्रिया शुरू होते ही बच्चे और महिलाएं भी घर से गायब मिलीं। मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण नमूने नहीं लिए जा सके, लेकिन कृत्रिम पाउडर एवं डालडा से तैयार ढाई क्विंटल मावा को बिनौली थाने की पुलिस से नष्ट कराया। एसडीएम ने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों को बुलाकर उनके लाइसेंस चेक किए जाएंगे। बरामद पाउडर एवं अन्य माल की जांच के सैंपल लेकर इनकी जांच कराई जाएगी। जांच कर दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई होगी। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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अभिहित और खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
बागपत। अचानक हुई छापेमारी से गांव में भट्टी संचालकों में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने बताया कि मौके से जिला अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी को कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। ऐसा पहले भी हो चुका है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। यही नहीं ग्रामीणों ने भी खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

बिचौलिए तैयार कराते हैं मावा
बागपत। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि गांव के ही बिचौलिया मोमिन, मीर हसन और जमशेद मावा तैयार कराकर दिल्ली ले जाकर बेचते हैं। आसपास के जिलों में भी सप्लाई की जाती है। इनकी भूमिका की जांच कराकर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

यहां तैयार होता है मावा
बागपत। चौगामा क्षेत्र के दाहा, दोघट, टीकरी, मिलाना, पलड़ा, शाहजहांपुर समेत दर्जनभर से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां पर मावा तैयार किया जाता है। इसी तरह अमीनगर सराय और इसके आसपास के क्षेत्र में भी मावा तैयार किया जाता है। यहां से अधिकतर मावा दिल्ली सप्लाई करते हैं।

रोज करते हैं दिल्ली सप्लाई
बागपत। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के अलावा बागपत के चौगामा, बिनौली और सराय क्षेत्र से रोजाना ट्रकों के जरिये मावा दिल्ली पहुंचाया जाता है। करीब छह ट्रक रोज सुबह दिल्ली मावा लेकर जाते हैं और शाम को सामान लेकर लौटते हैं।

वर्जन
पिलाना सीएचसी के प्रभारी डॉ. यशवीर सिंह ने कहा मिलावटी मावा खाने से पेट की बीमारियां अधिक होती है। यदि खतरनाक पाउडर मिलाया जाता है तो यह सेहत का दुश्मन है। बच्चों के लिए बेहद नुकसानदेह है।
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