बागपत। फैजपुर निनाना गांव के किसान सतेंद्र की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई गई थी। पुलिस जांच में इसका खुलासा हुआ है। मृतक के भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपियों से भी पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस शूटरों का पता लगाने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लग सका।
16 मई की शाम पांच बजे नैथला मोड पर वाहन की इंतजार में खड़े फैजपुर निनाना गांव निवासी किसान सतेंद्र की बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह बागपत कोर्ट में भाई विनोद की हत्या के मुकदमे में पैरवी पर आया था। इस मामले में सतेंद्र के बेटे दीपक कुमार ने रणवीर पुत्र जिले सिंह, ब्रह्म सिंह पुत्र जिले सिंह, प्रियव्रत पुत्र सतवीर निवासीगण बिहारीपुर समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुटी थी। गत शुक्रवार को विनोद की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि किसान की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई गई थी। 16 मई की शाम सतेंद्र नैथला मोड़ पर वाहन के इंतजार में खड़ा था। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे की तरफ से आ रही ट्रैक्टर-ट्राली को किसान ने रुकवाया था। जब सतेंद्र ट्रैक्टर में बैठने के लिए चला तभी नैथला की तरफ से बाइक सवार तीन बदमाश आए। दो बदमाशों ने मुंह पर रूमाल बांध रखा था जबकि एक बदमाश ने हेलमेट लगा रखा था। दो बदमाश बाइक से उतरे और तमंचे से किसान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि बदमाशों ने किसान पर तीन-चार गोलियां चलाई थी, लेकिन उसे एक ही गोली लगी। इसके बाद बदमाश हवाई फायर करते हुए बड़ौत की तरफ फरार हो गए थे। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि किसान की हत्या में भाड़े के शूटर शामिल रहे है। पुलिस शूटरों की तलाश कर रही है।
बदमाश कई दिनों से कर रहे थे रेकी
बागपत। जिस तरह से बदमाशों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था, उससे स्पष्ट हो गया कि बदमाश कई दिनों से सतेंद्र की रेकी कर रहे थे। उसे अच्छी तरह से पहचानते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाशों ने आते ही उसे गोली मार दी थी। सतेंद्र ट्रैक्टर में सवार हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।