बड़ौत। छछरपुर गांव के बुजुर्ग किसान इंद्र की हत्या के आरोपी भगत का उसके दोस्त अंकुर ने साथ दिया था। उसने हत्या में प्रयुक्त फावड़ा छुपाया और घटना के बारे में किसी को जानकारी तक नहीं दी, इसलिए पुलिस ने उसे भी हत्यारोपी बना दिया। पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
गूंगाखेड़ी-छछरपुर मार्ग स्थित नलकूप के पास चार अक्तूबर की रात बुजुर्ग किसान इंद्र के सिर पर धारदार हथियार से कई वार कर हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार बुजुर्ग इंद्र की हत्या गांव के ही युवक भगत ने अपने साथी अंकुर के साथ मिलकर की थी। चार अक्तूबर की रात में भगत ने अपने साथियों के साथ शराब पी और शराब कम रहने पर बड़ौत से खरीदकर ले गए। इसके बाद किसान इंद्र के नलकूप के पास बैठकर शराब पी। नलकूप पर पहुंचे तो पेशाब करने जा रहे बुजुर्ग इंद्र के सिर पर भगत ने फावड़े से कई वार करके की हत्या कर दी, जबकि अंकुर वहां खड़ा होकर देखता रहा।
हत्या के बाद दोनों खून से सना फावड़ा लेकर खेत के रास्ते भाग गए और खेत में फावड़ा छिपा दिया। इसके बाद दोनों जंगल में खेत में ही छिपे रहे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि हत्याकांड में प्रयुक्त फावड़ा भी अंकुर का ही है। इस मामले में सीओ अंशु जैन का कहना है कि दोनों हत्यारोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिए गए।