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Baghpat News: 100 मीटर खींचकर दूर फेंका शव, पुलिस से बचने को भागते रहे

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रटौल। गिरफ्तार किए गए अमित भाटी निवासी पूरनपुर नवादा ने बताया कि घिटोरा गांव के जंगल में अजय की हत्या करने के बाद उन्होंने शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई। नशा ज्यादा होने के कारण वे अजय के पैर पकड़कर खींचते हुए 100 मीटर से दूर ले गए। जहां पर मिट्टी खोदाई के गड्ढे मिलने पर शव को वहीं पर फेंककर भाग गए। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए भागते रहे।
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अमित भाटी ने बताया कि दो अक्तूबर की रात अजय की हत्या करने के बाद लवदीप ने अपने ताऊ को फोन करके गड़बड़ी होने के बात कहकर 10-15 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। ताऊ ने रुपये ट्रांसफर करने से मना कर दिया। इसके बाद शराब के नशे में घिटोरा गांव के जंगल में एक नलकूप पर सो गए थे। सुबह करीब तीन बजे दोनों का नशा कम हुआ तो बचने के तरीके सोचने लगे, लेकिन कुछ समझ नहीं आया।
अमित ने बताया कि वह लवदीप को लेकर पाबला गांव में अपनी रिश्तेदारी में पहुंच गया। एक दो घंटे वहां रहे और वहां से दोनों एक परिचित के पास दिल्ली पहुंचे। वहां भी उनको डर था कि पुलिस उनको पकड़ लेगी। वहां से दोनों अलग हो गए। अमित ने बताया कि वह दिल्ली से गाजियाबाद में अपनी बहन के यहां पहुंचा। बहन को उसकी हरकतों पर शक हुआ तो उसने पूछताछ की। हत्या का पता चलने पर बहन ने उसे घर से भगा दिया। इसके बाद से गढ़ी कलंजरी और सरफाबाद समेत आसपास के गांवों के नलकूपों पर छिपकर रह रहा था।
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डेढ़ साल तक बंद रही बोलचाल, 10 दिन पहले हुई थी दोस्ती
अजय के भाई देवेंद्र ने बताया कि लवदीप और अजय में झगड़ा होने के बाद डेढ़ साल तक बोलचाल पूरी तरह बंद रही। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे, इसके चलते रास्ते में आमने-सामने आने पर मुंह मोड़ कर चले जाते थे। उसने आरोप लगाया कि लवदीप लगातार बदला लेने की फिराक में था। इसके लिए लवदीप ने हत्या की योजना बनाकर 10 दिन पहले अजय से दोस्ती की और फिर अपने साथी अमित भाटी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया। पूछताछ में अमित ने भी बताया कि लवदीप पिछले डेढ़ माह से बदला लेने की फिराक में था।

चार घंटे पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा शव, गांव में पुलिस-पीएसी तैनात
अजय के परिवार वाले दूसरे हत्यारोपी लवदीप का एनकाउंटर कराने की मांग पर अड़ गए और पोस्टमार्टम हाउस से शव ले जाने से मना कर दिया। इसको लेकर उन्होंने हंगामा भी किया। इस दौरान करीब चार घंटे तक अजय का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा रहा। बाद में आए सीओ समेत अन्य अफसरों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया। वहीं गढ़ी कलंजरी गांव में मृतक और हत्यारोपियों के घर भी आसपास होने के कारण पुलिस अलर्ट रही। इसके चलते गढ़ी कलंजरी गांव में पुलिसबल और पीएसी तैनात रही। पुलिस की मौजूदगी में अजय का अंतिम संस्कार किया गया।

माथे की हड्डी टूटी हुई और सीने में चोट मिली
चिकित्सकों के पैनल ने अजय यादव के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके शरीर पर दो गंभीर चोटें लगी मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अजय के माथे पर ईंट के वार से गहरा घाव और सीने में चोट लगी मिली। सिर में लगी चोट मौत होने का कारण मानी जा रही है।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अजय यादव की सात साल पहले शादी हुई थी, जिसके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है। अजय की हत्या होने से उसके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अजय दो भाइयों में बड़े थे।
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