छपरौली (बागपत)। कुर्डी गांव से तीन जुलाई से लापता फैक्टरी कर्मी नीटू (21) की उसके दोस्तों ने शराब पार्टी के दौरान डांस नहीं करने पर हुए विवाद में गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद गन्नौर के पास मुनक नहर में शव फेंक दिया। पुलिस ने शनिवार देर रात बड़ौत बस स्टैंड से हत्यारोपी संदीप उर्फ निक्का निवासी महादेव नगर गन्नौर, अरुण निवासी विश्वकर्मा नगर गन्नौर जिला सोनीपत और काला उर्फ रोहित निवासी रसूलपुर करनाल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। इसमें शामिल चौथे आरोपी राजेश निवासी गन्नौर की तलाश में पुलिस लगी है।
कुर्डी गांव निवासी किसान नरेश ने 16 जुलाई को छपरौली थाने में अपने बेटे नीटू की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नरेश ने बताया कि उसका बेटा नीटू सोनीपत जिले के गन्नौर में फैक्टरी में आने वाले ट्रकों में सामान लादने का काम करता था, जो छह माह पहले गांव में आकर रहने लगा था। तीन जुलाई को गन्नौर से उसके तीन दोस्त आए और उसे बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद से नीटू का फोन बंद है और वापस घर भी नहीं आया। उसके दोस्तों के घर भी गए, लेकिन वे भी घर पर नहीं मिले। नरेश ने नीटू की हत्या होने का शक भी जताया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तीनों दोस्तों से पूछताछ करने के लिए पुलिस टीम को भेजा गया तो तीनों दोस्त अपने परिवार वालों के साथ घर से भाग गए। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे संदीप उर्फ निक्का, अरुण निवासी गन्नौर सोनीपत और काला उर्फ रोहित निवासी रसूलपुर करनाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार तीनों ने बताया कि तीन जुलाई को घर से जाने के बाद गन्नौर के पास रोशनपुर गांव के पास खाली मकान में बैठकर शराब पी, जिसमें उनके साथ राजेश निवासी गन्नौर भी था। शराब पार्टी के दौरान नशे में वह डांस करने लगे, लेकिन नीटू ने डांस नहीं किया। उन्होंने नीटू पर डांस करने का दबाव बनाया तो उसके साथ कहासुनी हो गई और उसकी पिटाई कर दी। गुस्से में नीटू वहां से थाने में जाने की धमकी देकर भाग गया।
वे पीछा करके उसे पकड़कर वापस ले आए और उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। संदीप व अरुण ने गला घोंटा, जबकि अन्य ने हाथ पकड़े। इसके दो-तीन घंटे बाद गन्नौर से गुजर रही दिल्ली जाने वाली मुनक नहर में शव फेंक दिया। नीटू का शव छह जुलाई को सोनीपत की सदर थाना पुलिस को मिल गया था, लेकिन पहचान नहीं होने के कारण लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना में शामिल तीनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया, जबकि चौथे आरोपी राजेश की तलाश में दबिश दी जा रही है।
एक ने कहा, हमसे गलती हो गई, वहीं फंस गए
पुलिस के अनुसार नीटू की हत्या के बाद चारों दोस्तों ने मोबाइल भी बंद कर लिए। नीटू के परिजनों के कई बार घर पहुंचने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हुआ। कई दिन पहले चारों अपने घर आ गए। तभी एक आरोपी ने अपने परिचित के सामने ये कह दिया कि तीनों से एक बड़ी गलती हो गई है और इसी चक्कर में पुलिस बार-बार आ रही है। इसके बाद से पुलिस उनकी तलाश में जुट गई।
शव को पहचानने से किया इन्कार, पिता ने पहचाना
हत्यारोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गन्नौर से लेकर दिल्ली तक मिले लावारिस शव के बारे में छानबीन की तो छह जुलाई को एक शव सोनीपत के सदर थानाक्षेत्र में मिलने का पता चला। पुलिस ने उसका फोटो मंगवाकर हत्यारोपियों को दिखाया तो उन्होंने पहचानने से मना करते हुए गुमराह करने का प्रयास किया। तभी नीटू के पिता नरेश को बुलाकर शव का फोटो दिखाया तो उसने पहचान कर दी। आरोपियों को उम्मीद थी कि शव नहीं पहचानने पर उन्हें राहत मिल सकती है।