बागपत। अधिवक्ता सत्येंद्र दाघंड ने बताया कि छपरौली थाने क्षेत्र की पीड़ित महिला निशा ने कोर्ट में पुत्रवधू और उसके परिजनों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था। शनिवार को कोर्ट ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए छपरौली थाने को आदेश दिए है। साथ ही 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट की प्रतिलिपि कोर्ट में पेश करने को भी कहा है। बताया कि छपरौली निवासी निशा के बेटे मनीष की शादी वर्ष 2014 में राखी पुत्री देवेंद्र सिंह निवासी शबगा के साथ हुई थी। आरोप है कि राखी ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर निशा की संपत्ति को हड़पने के लिए उसे पारा और कांच मीठे में मिलाकर खाने में दे दिया। इस पर निशा की हालत खराब हो गई। इिससे दिल्ली के यशोदा में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़िता ने दस अक्तूबर 2020 को एसपी बागपत से आरोपियों के खिलाफ शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।