बागपत। परिषद्ीय विद्यालयों में रसोइयों की पाक कला को परखने के लिए जिला स्तर पर प्रयोगिता होगी। इसमें प्रत्येक ब्लॉक से पांच-पांच रसोइयां प्रतियोगिता में भाग लेंगी। बीएएस राघवेंद्र सिंह ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को 15 नवंबर तक रसोइयों का नाम और उनका सहमति पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के जिला समन्वयक फरजान शैरफ ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को प्रोत्साहित करना है। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता के आयोजन से सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में रसोइयों की पौष्टिक व स्वादिष्ट भोजन बनाने की विधि का भी आंकलन किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए रसोइयों को कम से कम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। प्रतियोगिता में प्रत्येक ब्लॉक में पांच से अधिक रसोइया चिह्नित होने पर वरीयता के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। इसके लिए समिति का गठन किया जाएगा। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षाधिकारी, एक बालिका स्कूल की प्रधानाचार्या, इंटर/स्नातक स्तर के प्रवक्ता, अलग-अलग विद्यालयों के दस छात्र-छात्राएं प्रतिष्ठित होटल के कुक, एक महिला चिकित्सक व खाद्य सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी शामिल रहेगा।
ऐसे मिलेगे अंक
प्रतियोगिता में भोजन के स्वाद, पौष्टिकता, भोजन पकाने की विधि, स्वच्छता व सुरक्षा के लिए दस-दस तथा व्यवहार के लिए पांच अंक दिए जाएंगे।
विजेताओं को दिया जाएगा पुरस्कार
प्रतियोगिता में प्रथम तीन विजेताओं के अतिरिक्त सात रसोइयों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आने पर 3500 रुपये, दूसरा स्थान प्राप्त करने पर 2500 रुपये व तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 1500 रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अन्य रसोइयों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए 250 रुपये नगद व दो सौ रुपये भत्ता दिया जाएगा।