बागपत। रटौल आम महोत्सव से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। रटौल किस्म के आम की पौध को तैयार करने के लिए पूर्व जिला पंचायत सदस्य व चेयरमैन ने अपने-अपने पूर्वजों की दावेदारी जताई है। एक पक्ष ने महोत्सव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। उन्होंने डीएम से शिकायत कर गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
रटौल में पहली बार छह जुलाई को आम महोत्सव होना है। मगर इससे पहले ही आम की पौध तैयार करने को लेकर विवाद छिड़ गया है। जीआई टैग पर मोहम्मद आफाक का नाम आने के बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य व चेयरमैन आमने-सामने आ गए हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुबस्सिर व पूर्व प्रधान जाकिर हसन ने दावा किया कि रटौल-लोनी मार्ग पर 1800 की शताब्दी में सबसे पहले रटौल आम की पौध रजा उल हक द्वारा तैयार की गई थी। तब मोहम्मद आफाक का जन्म भी नहीं हुआ था। अब फर्जी तरीके से उनका नाम जीआई टैग पर देकर आम बागवानों को भ्रमित किया जा रहा है।
तीन साल पहले रजा उल हक के नाम से लगे पेड़ को साजिश के तहत सुखाकर कटवा दिया गया। अब मोहम्मद आफाक का झूठा नाम चलाया जा रहा है। इससे आम बागवानों में आक्रोश है। उन्होंने डीएम से शिकायत करते हुए मामले की जांच कराकर झूठी जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि जीआई टैग से गलत नाम हटाकर पौध तैयार करने वाले का नाम दर्ज कराया जा सकें। साथ ही उन्होंने इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ने की भी बात कहीं।
वर्जन
जीआई टैग के लिए चेयरमैन ने गलत रिपोर्ट दी है और इससे आम की पौध तैयार करने वाले रजा उल हक की पहचान को छिपाया गया है। मैं और अन्य बागवान शनिवार को होने वाले आम महोत्सव का बहिष्कार करेंगे। हम अपना हक लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। - जाकिर हसन, पूर्व प्रधान
आम महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। महोत्सव में जिस बागवान को आमंत्रण दिया गया है, वह सभी आएंगे। कुछ लोग बहिष्कार की अफवाह फैला रहे हैं। आम की पौध तैयार करने वाले मोहम्मद आफाक है और जो आरोप लगा रहे है, उनका एक भी पेड़ आम का नहीं है। - जुनैद फरीदी, चेयरमैन रटौल