संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका चेयरमैन राजूद्दीन ने कहा कि जिस कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से प्लाट काटने की बात कही जा रही है। उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए पहले कई बार एसडीएम से लेकर डीएम तक शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस तरह ही डूडा के मकानों में फर्जीवाड़े की शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई। इसके बावजूद उन्हें दबा दिया गया। अब नगर पालिका एवं उनको बदनाम करने की साजिश हो रही है।
चेयरमैन राजूद्दीन ने शनिवार को पालिका कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पालिका के पास राजस्व के संसाधन संपत्ति कर एवं जलकर हैं। पालिका की आय बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संपत्ति दर्ज की जाती है। यदि किसी जगह प्लाट है और वह मकान में दर्ज हो गया है तो उस पर प्लाट मालिक आपत्ति दर्ज कराता है। उनके अनुसार यहां पूर्व में गलत नाम दर्ज कराने के प्रकरण आए तो उन्होंने खुद ही उनको कटवाया और कार्रवाई के लिए कहा।
कहा कि दलितों के पट्टे पर प्लाट करा जहां तक मामला है तो प्रशासन की पट्टे छोड़ता है और वह निरस्त कर सकता है। उसमें कोई कार्रवाई करनी है तो वह उसका अधिकार है। पालिका का क्षेत्र हमेशा वार्ड के आधार पर निर्धारित होता है और वर्ष 2017 में पालिका का क्षेत्र बढ़ा था। उसके आधार पर विकास कार्य कराए जाते हैं। पांच मील बाहर तक भी विकास कार्य कराए जा सकते हैं।
बागपत नगर में 1100 मकान ही नहीं, बल्कि यहां पांच हजार से अधिक मकान दर्ज हुए हैं। बागपत नगर में मेरठ रोड, चमरावल रोड, दिल्ली रोड, बड़ौत रोड, नौरोजपुर रोड आदि सभी जगह क्षेत्र बढ़ा है। इसलिए केवल केतीपुरा नहीं, बल्कि इन जगह भी उस प्रक्रिया के तहत मकान दर्ज किए गए हैं। अगर कार्रवाई करनी है तो उन सभी पर की जाए।