बागपत। रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मुद्दे गौण हो गए हैं। षड्यंत्र की सियासत चल रही है। झूठे वादे कर भाजपा ने केंद्र की सत्ता हथियाई, लेकिन विधानसभा चुनाव में किसान और मजदूर एकजुट होकर इसका जवाब देंगे। इस बार जनता नोटबंदी की लाइनों का जवाब वोट की लाइनों से देगी।
शुक्रवार को खेकड़ा और ढिकौली में हुई जनसभाओं में रालोद महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और वायदों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने यह भी कहा कि बजट फरवरी के पहले हफ्ते में आएगा। वेस्ट यूपी में पहले चरण में चुनाव है। इस कारण कुछ हवाई घोषणाएं की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई का है या केंद्र सरकार का, अब तक तो देश के सामने यही तस्वीर स्पष्ट नहीं हो सकी है। कैराना सांसद हुकुम सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बहू-बेटी के सम्मान की बात कर लोगों को बहकाया गया है। पलायन को बेवजह मुद्दा बनाकर समाज में भ्रांति फैलाई जा रही है। वेस्ट यूपी के लोग अब समझ चुके हैं कि भाजपा सांप्रदायिक माहौल खड़ा करती है।
बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह पर निशाना साधते हुए जयंत ने कहा कि वे महाराष्ट्र में पोस्टिंग पर सिफारिश कराकर गए थे। यूपी में हरियाणा जैसी सरकार नहीं चाहिए। भाजपा के खिलाफ सिर्फ रालोद ने ही मोर्चा खोला है। भाजपा से रालोद का कोई गठजोड़ नहीं होगा। राष्ट्रीय महासचिव सुखबीर सिंह गठीना की अध्यक्षता और जगपाल तेवतिया के संचालन में हुई जनसभाओं में विधायक वीरपाल राठी, करतार भड़ाना, पूर्व विधायक अजय कुमार, राजेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह, अश्वनी तोमर, सहेंद्र सिंह रमाला, कपिल चौधरी, राजू तोमर सिरसली, डॉ. अजय तोमर, चेयरमैन मांगेराम यादव, प्रमेंद्र तोमर, और सुनील बंदपुर मौजूद रहे।
जयंत ने घोषित किया एजेंडा
जयंत चौधरी ने खेकड़ा में विधानसभा चुनाव के मुद्दे घोषित किए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं सुलझाने, आधुनिक मंडियों, सिंचाई के साधन, लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य, युवाओं को रोजगार, शिक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियां, कानून व्यवस्था के हालात में सुधार रालोद की प्राथमिकता होंगे।
गठबंधन पर नहीं बोलूंगा : जयंत
जयंत चौधरी ने किसी भी पार्टी से गठबंधन पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।