फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिक फीस वसूली पर हंगामा

Sun, 02 Apr 2017 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमीनगर सराय
विज्ञापन
अमीनगर सराय में काॅलेज के बाहर हंगामा करते छात्र । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
श्रीकृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को मेरठ-बागपत हाइवे जाम कर दिया। कॉलेज पर आईटीआई के नाम पर अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया। सिंघावली अहीर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कॉलेज प्रबंधन के थाने में तहरीर दी गई  है।
विज्ञापन


शनिवार को काफी संख्या में छात्र श्रीकृष्णा कॉलेज के बाहर एकत्र हुए। यहां छात्रों ने हंगामा किया। संस्था पर आरोप लगाते हुए मेरठ-बागपत हाईवे पर जाम लगा दिया। छात्रों ने बताया कि आईटीआई कराने के नाम पर उनसे 20 से 22 हजार रुपये कॉलेज की ओर से लिए गए हैं।

फीस कॉलेज में जमा कर दी गई है। इसके बावजूद उनकी न तो कोई क्लास चलाई गई और न ही  एडमिट कार्ड जारी किए। आरोप लगाया कि उनके फार्म ही नहीं भरे गए। जो फीस जमा हुई है वह भी स्लिप उनके पास है। आरोप है कि कॉलेज के प्रबंधक से मिलने का प्रयास किया तो उन्होंने सही से बात नहीं की और उनके साथ अभद्रता करते हुए कॉलेज से बाहर निकलवा दिया। छात्रों ने इंस्टीट्यूट के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की।
विज्ञापन


उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज और उनके रुपये वापस नहीं होंगे तब तक वह हाईवे को जाम रखेंगे। हाईवे जाम की सूचना मिलते ही सिंघावली अहीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

छात्रों को समझा-बुझाकर शांत किया गया। इंस्टीट्यूट प्रबंधक के खिलाफ तहरीर के बाद जाम को खोला। जुनैद, अंकित, मोहित, सचिन, आरिफ, अभिषेक, अजय, गौरव,  अमित, मोनू, टिंकू, शाकिबस और धीरज मौजूद रहे।

छात्रवृत्ति हड़पने की भी हो चुकी है रिपोर्ट दर्ज
बागपत। श्रीकृष्ण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पहले भी छात्रवृत्ति हड़पने का सिंघावली अहीर थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब आईटीआई में गड़बड़ी मिलने पर कॉलेज में छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है।

आईओएस पीके मिश्रा को छात्रवृत्ति हड़पने की जांच सौंपी गई थी। जांच की गई तो पता चला की आईटीआई सहित विभिन्न कोर्स की कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। कॉलेज की बिना मान्यता के ही कॉलेज में छात्रों के फार्म भरवाएं है। अपनी जांच रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें