हाईवे स्थित सीटीआर में फूंके ट्रांसफार्मरों को साबुन लगाकर ठीक किया जा रहा है। समस्या को लेकर मंगलवार को वाजिदपुर गांव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सीटीआर में तैनात स्टाफ पर दलालों से मिलीभगत का आरोप लगाया।
हंगामा बढ़ता देख सीटीआर के जेई मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत किया। किसानों ने समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
वाजिदपुर गांव के आंदोलित किसानों ने कहा चार दिन पहले गांव के ताराचंद पुत्र पिरथी का 100 केवीए का नलकूप का ट्रांसफार्मर फूंक गया था। उसे सीटीआर में जमा किया। दो दिन बाद जब वापस ट्रांसफार्मर को लेने आए तो ट्रांसफार्मर की एमसील को साबुन से भर रखा था और उससे छिपाने के लिए नया पैंट कर रखा था।
किसानों को शक हुआ तो उन्होंने जांच की। तभी साबुन का टुकड़ा निकलकर जमीन पर गिर गया। इससे देख किसान आग बबूल हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
किसानों ने ने कहा सीटीआर और वर्कशाप दलालों का अड्डा बन गया है। बिना पैसे लिए किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। दो दिन पहले भी एक दलाल ने उसने दो हजार रुपये ट्रांसफार्मर दिलाने के नाम पर ऐठ लिएं।
हंगामा बढ़ता देख सीटीआर पर तैनात जेई सीपी सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। किसानों ने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में जेई सीटीआर सीपी सिंह ने आरोप को निराधार बताया।
इसमें देवेंद्र, वीरेंद्र, विनोद, राजीव, सुधीर, अरविंद, संजीव, महक सिंह, भोपाल, धर्मेंद्र, राजपाल, ओमवीर रहे।