बागपत। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही गांवों में विवाद तूल पकड़ने लगे हैं। प्रधानों को सीधे कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद हो रहे हैं। इनको चुनावी रंग देने का भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं असामाजिक तत्व गांव का माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश करनेे में लगे हैं। कई ग्राम प्रधानों और उनके परिजनों पर मुकदमेे भी दर्ज हो चुके हैं। यह हालत तो तब है, जब पुलिस और प्रशासनिक अफसर गांवों में डेरा डाले हैं और लोगों से मिल जुल कर रहने का पाठ पढ़ा रहे हैं। यदि यहीं हालात रहे तो चुनाव के समय ये विवाद बड़ा रूप ले सकते हैं।
वारदात : 1
हसनपुर मसूरी गांव के प्रधान नवीन शर्मा पर मारपीट समेत कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। जिला प्रशासन उन पर जिला बदर की कार्रवाई भी कर चुका है। हालांकि मंडलायुक्त ने उनको राहत दे दी थी। आरोपी प्रधान का भी कहना है कि चुनावी रंजिश के चलते उनको फंसाया जा रहा है।
वारदात :2
निरपुड़ा गांव की प्रधान के बेटे निश्चय राणा पर महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। निश्चय राणा समेत कई के खिलाफ दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
वारदात : 3
फैजपुर-निनाना के प्रधान हरेंद्र चौधरी के खिलाफ पर्चे छपवाकर गांव-गांव में वितरित किए। पता चलने पर दो लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया। तीन आरोपियों के खिलाफ बागपत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई।
वारदात : 4
बरनावा गांव की प्रधान फिरदौस के पति जरीफ कुरैशी पर जानलेवा हमला किया। इनको अगवा कर गांव में बंधक बनाकर रखा गया। उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि प्रधान के आरोप बेबुनियाद हैं।