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सतर्कता से घर पर ही बच्चों को रख सकते हैं कोरोना मुक्त

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बड़ौत। कोरोना की तीसरी लहर को जनता में दशहत शुरू हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी गाइडलाइन जारी की है। कोरोना से ग्रसित गंभीर बच्चों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी। बाकी का इलाज होम आइसोलेशन में ही रखकर किया जा सकेगा।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि गाइड लाइन के मुताबिक जिन बच्चों का ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे गिरता है, उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। बच्चों को इस्टीरायड देने की मनाही की गई है। सिर्फ गंभीर बच्चों को जरूरत पड़ने पर यह दवा देने की अनुमति दी जाएगी। कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल हो रही रेमडेसिविर जैसी दवाइयां बच्चों को देने से मना किया गया है। बच्चे में बुखार के साथ पेट दर्द, उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है।
क्या हो सकते हैं लक्षण-
- ज्यादातर बच्चे लक्षणविहीन या हल्के-फुल्के लक्षण वाले होंगे ।
- उनमें बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, सूंघने व टेस्ट की क्षमता में कमी आना, नाक बहना, मांसपेशियों में तकलीफ, गले में खराश जैसे लक्षण होंगे।
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- कुछ बच्चों में दस्त आना, उल्टी होना, पेट दर्द होना।
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