बागपत । चिकनगुनिया ने लोगों के शरीर को पूरी तरह जकड़ लिया है। यह बुखार लगातार रौद्र रूप धारण करता जा रहा है। प्राइवेट और सरकारी अस्पताल मरीजों से भरे हैं। सीएचसी बागपत में शनिवार को 300 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ है, जिसमें बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा रही।
जिले में चिकनगुनिया ने लोगों की सेहत को बिगाड़ कर रख दिया है। इसकी जद में आते ही शरीर और जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। इससे पीड़ित एक बार जो पलंग पकड़ ले तो उसे उठा नहीं जा रहा है। इस बुखार से लोग सहमे हैं। सरकारी और प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।
बागपत सीएचसी में शनिवार को अवकाश के दिन 300 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा बुखार से पीड़ित लोग पहुंच और उसमें भी हर तीसरा मरीज चिकनगुनिया का मिल रहा है।
बुखार के पीड़ितों से सभी बेड भरे हैं। सीएचसी बागपत में एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया। बेड न मिलने पर ब्रेंच पर ही मरीजों को भर्ती करना पड़ा। दोपहर तक अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीज पहुंचते रहे। बढ़ती जा रही मरीजों की संख्या को देखकर डॉक्टर भी हैरानी में पड़ गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया बुखार से पीड़ितों को तुरंत भर्ती कराया जा रहा है। सही होने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है।
खेकड़ा के चिकित्सक भी बीमार
खेकड़ा । सीएचसी में तैनात चिकित्सक मरीजों का उपचार करते खुद बुखार से ग्रस्त हो गए। उन्हें सीएचसी में भर्ती किया। खेकड़ा सीएचसी में बड़ागांव निवासी चिकित्सक डॉ. राजीव गोला तैनात हैं। उन्हें गत तीन दिन से बुखार ने अपनी चपेट में ले रखा है, इसके बावजूद वह मरीजों का उपचार करने में लगे रहे।
शनिवार की सुबह सीएचसी पर पहुंचने के कुछ देर बाद ही बुखार के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। दिन भर प्रभारी अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक की देख रेख में उपचार चलता रहा। सीएचसी प्रभारी ने बताया देर शाम उन्हें राहत होने पर परिजनों के साथ घर भेजा।