संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। छपरौली ब्लॉक में छह करोड़ रुपये के टेंडरों में खेल होने पर डीएम ने रोक लगाते हुए जांच बैठा दी है। ठेकेदारों की शिकायत के बाद डीएम ने यह कार्रवाई की और 15 सितंबर के बाद पुराने नियम से ही टेंडर छोड़ने के निर्देश दिए। इससे सभी ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा। डीएम के आदेश के बाद बीडीओ ने दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी। छपरौली ब्लॉक में छह करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने के लिए सात अक्तूबर को टेंडर छोड़ा जाना था और इसके लिए निविदा मांगी गई थी। ठेकेदार सचिन कुमार, नरेंद्र, प्रताप सिंह, अंकुर कुमार आदि ने डीएम से मिलकर आरोप लगाया कि क्षेत्र पंचायत में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जिला पंचायत, लोनिवि व सिंचाई विभाग के ठेकेदारों के टेंडर डालने पर रोक लगा दी गई है। केवल क्षेत्र पंचायत के ठेकेदार के ही टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने की बात कही जा रही है।
बताया कि शासनादेश के अनुसार सभी विभागों के ठेकेदार इसमें हिस्सा ले सकते हैं। इसके बाद भी ब्लॉक प्रमुख व बीडीओ ने नियमों को बदल दिया और अपने नियम के अनुसार टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी, जो गलत है। ठेकेदारों को क्षेत्र पंचायत में पंजीकरण कराने के लिए कोई भी नोटिस नहीं दिया गया। इससे 50 से अधिक ठेकेदार टेंडर डालने से वंचित हो गए।
इसलिए ही उन्होंने शनिवार को बागपत तहसील में पहुंचकर डीएम अस्मिता लाल से शिकायत कर मामले की जानकारी दी। इस पर डीएम अस्मिता लाल ने बीडीओ बाल गोविंद यादव से नाराजगी जताते हुए शासनादेश मंगवाने के निर्देश दिए। शासनादेश देखने के बाद बीडीओ को फटकार लगाई और टेंडर प्रक्रिया को नियम से छोड़ने के लिए निविदा डलवाने को 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया। चेतावनी दी कि यदि नियम के विरुद्ध टेंडर छोड़ा गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।