बागपत के कस्बा टीकरी के पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी के तहेरे भाई चौधरी महिपाल सिंह और उनके परिचित पंजाब निवासी जगतार सिंह की हत्या के केस में कोर्ट ने आरोपी टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी को दोषमुक्त करार दिया, जबकि छह आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ है। कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 19 फरवरी नियत की है।
टीकरी कस्बा के पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी के मुताबिक परिवार के लोग 6 मार्च 2008 को मुजफ्फरनगर के किनौनी बरवाला गांव में भांजी की शादी में भात देकर कार से घर लौट रहे थे। भड़ल गांव के पास स्कार्पियो सवार लोगों ने उनके परिजनों की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें उनके तहेरे भाई महिपाल राठी और उनके परिचित पंजाब के जगतार सिंह की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
जबकि उनके भाई राजेंद्र सिंह, भतीजा अमित राठी गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनके छोटे भाई सतवीर राठी ने दोघट थाने पर टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी, नरेंद्र राठी, अरविंद, सुभाष, ओमवीर, अमित, राजीव, सोनू उर्फ सोहनवीर पर हत्या और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चेयरपर्सन राजबाला चौधरी जमानत पर जेल से बाहर है। आरोपी सोनू उर्फ सोहनवीर फरार चल रहा है, जबकि अन्य जेल में बंद है।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वादी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर ने बताया कि आरोपी सोनू उर्फ सोहनवीर को छोड़कर अन्य आरोपियों का केस एडीजे (प्रथम) लालचंद द्वितीय की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने मंगलवार को साक्ष्य के आधार पर छह आरोपी नरेंद्र राठी, अरविंद, सुभाष, राजीव, ओमवीर और अमित को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी माना है, जबकि आरोपी टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने सजा की सुनवाई के लिए 19 फरवरी नियत कर दी है।