शामली के अभ्यर्थियों के फार्म की जांच करते सेना के अधिकारी।
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बागपत के बड़ौत के जेवी कॉलेज के मैदान पर चल रही सेना की भर्ती में माफियाओं ने घुसपैठ की कोशिश की। सेना के स्कैनिंग प्वाइंट पर 16 अभ्यर्थी पकड़े गए। मूल अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर दूसरे लड़के को दौड़ के लिए भेजा गया था। गौतमबुद्ध नगर के ऐसे 30 मामले सामने आए थे। सेना ने पकड़े गए अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अब ये कभी सेना की भर्ती में शामिल नहीं हो सकेंगे।
बुधवार को शामली के अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया गया। सैनिक सामान्य ड्यूटी, तकनीकी नर्सिंग सहायक, लिपिक स्टोर कीपर और ट्रेडमैन के पदों पर हुई भर्ती में घुसपैठ की कोशिश की गई। मेरठ भर्ती बोर्ड कार्यालय के निदेशक कर्नल रजनीश मेहता ने बताया कि बिजरौल रोड गेट पर प्रमाण पत्रों की चेकिंग के दौरान शामली जनपद के 16 मुन्नाभाई पकड़े गये। मेहता ने बताया कि अभ्यर्थियों ने अपनी जगह अच्छे धावकों को शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए भेजा था।
ऑनलाइन स्कैनिंग के दौरान फोटो में भिन्नता पाए जाने पर यह अभ्यर्थी दौड़ में शामिल होने से पहले ही पकड़े गए। अधिकारियों ने इनसे पूछताछ की। अधिकतर कांधला क्षेत्र के हैं। किसी एजेंट ने इनके फार्म भरवाये थे। सीओ कर्मवीर सिंह ने भी पूछताछ की। कर्नल रजनीश मेेहता ने बताया सभी युवकों से पूछताछ कर छोड़ दिया गया है। जिन नामों पर सेना में भर्ती होने के लिये आए थे, अब वह मेशा के लिए भर्ती से बैन कर दिए गए। इनका डाटा सेना की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
डेढ़ लाख रुपये चुकाए थे
बड़ौत। शामली जनपद के युवकों की जगह बेहतर धावकों को हायर करने के मामले में जांच की जा रही है। पकड़े गये मामलों में एजेंट ने युवकों की जगह अच्छे खिलाड़ी हायर किए थे। इन्हें केवल शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी। इसके एवज में एक से डेढ़ लाख रुपये देने का मामला तय हुआ था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बागपत जनपद में भी इस माफिया गिरोह के एजेंट है। पुलिस और सेना के खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी है।