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Baghpat News: गोवंश ने फसल की बर्बाद, किसान ने की आत्महत्या

Sun, 09 Feb 2025 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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शेखपुरा गांव के जंगल में घूमते संर​क्षित पशु: संवाद
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बालैनी। अमीपुर बालैनी गांव में अनुसूचित जाति के किसान जीतराम (65) के खेत में खीरे और लौकी की फसल गोवंश ने बर्बाद कर दी। इससे दुखी होकर किसान ने वापस घर जाकर फांसी लगाकर जान दे दी। किसान ने केसीसी और कई बैंकों से कर्ज भी लिया हुआ था।
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अमीपुर बालैनी गांव निवासी रामकिशन ने बताया कि उसका भतीजा जीतराम अपनी छह बीघा जमीन में खेतीबाड़ी करता है। उसके खेत की जमीन रास्ते से काफी नीचे थी और पिछले दो साल से हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ते ही फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती थी। लगातार दो साल फसल बर्बाद होने के कारण जीतराम कर्ज में डूब गया। इस कारण काफी समय से जीतराम परेशान रहता था।
जीतराम ने कुछ दिन पहले खेत में खीरे और लौकी की फसल उगाई थी, मगर उसको बेसहारा पशुओं ने बर्बाद कर दिया। शुक्रवार शाम जीतराम खेत में गया तो वहां फसल बर्बाद देखकर वह परेशान हो गया। परिजनों के अनुसार इसका सदमा वह सह नहीं पाया और शुक्रवार रात में उसने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह परिजनों को जीतराम का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
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पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। किसान के परिवार में पांच बेटी और दो बेटे हैं, जो शादीशुदा हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारणों का पता चलेगा। आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
nखेतों में फसल बर्बाद कर रहे गोवंश, रखवाली न करें तो हो जाएंगे कर्जदार : बागपत। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने पर किसान रखवाली करने को मजबूर हैं, जो गोवंशों से फसल बचाने के लिए खेतों में डेरा डालकर बैठे रहते हैं। बालैनी गांव के किसान राकेश, विक्रम, बिजेंद्र, अशोक आदि का कहना है कि अगर रखवाली नहीं करेंगे तो कर्जदार हो जाएंगे।
जिले में गोवंशों के संरक्षण के लिए 25 गोशाला और संरक्षण केंद्र संचालित हैं। इनमें करीब चार हजार गोवंशों को संरक्षित किया गया है। इसके बाद भी सभी गांवों के जंगल में गोवंशाें के झुंड घूमते रहते हैं, जो खेतों में फसल बर्बाद कर रहे हैं। अब खेतों में गेहूं की फसल उगाई जा रही है तो खेतों में गोवंशों का आतंक भी बढ़ गया है। गोवंशों की समस्या पर जिला स्तरीय अधिकारी भी अपना पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।
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