बागपत, बड़ौत। मलकपुर गांव के पूर्व प्रधान व तत्कालीन सचिव के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर बड़ौत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
मलकपुर गांव के शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त सैनिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में डीपीआरओ कार्यालय से गांव में विकास कार्यों की आरटीआई मांगी थी, लेकिन सूचना नहीं गई थी। इसके बाद विकास कार्यों के घोटाले से संबंधित साक्ष्यों के साथ डीएम से शिकायत की थी, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इसके बाद लखनऊ में जांच के लिए शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2020 में अदालत की शरण लेनी पड़ी थी। अदालत ने 11 जुलाई 2022 को बड़ौत कोतवाली को पूर्व प्रधान और निवर्तमान पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप में पूर्व प्रधान कृष्णपाल पुत्र महावीर और निवर्तमान पंचायत सचिव रोहित खोखर पुत्र हरवीर सिंह निवासी रठौड़ा, थाना छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं पूर्व प्रधान कृष्ण पाव और तत्कालीन सचिव रोहित खोखर ने बताया कि शिकायतकर्ता ने गलत ढंग से कोर्ट को गुमराह कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके कार्यकाल में गांव में हुए विकास कार्यों में कोई गबन नहीं हुआ है आरोप निराधार है।
ये हैं आरोप
मलकपुर गांव में वर्ष 2018-19 में नाले की सफाई, जसबीर के मकान से श्मशान घाट तक नाला निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र, जूनियर हाईस्कूल में शौचालय निर्माण, कन्या पाठशाला के खेल के मैदान की चहारदीवारी मरम्मत, अनुसूचित जाति की चौपाल में दीवार निर्माण, पटेल, इंद्रपाल, कृष्णपाल के घर, चौपाल पट्टी के पास हैंडपंप रिबोर, मुख्य सड़क से सतवीर के मकान तक नाला निर्माण आदि कार्यों में लाखों रुपये धांधली का आरोप लगाया गया है।