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औद्योगिक क्षेत्र में समस्याओं का अंबार, कराएं समाधान

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बागपत कलक्ट्रेट स्थित सभागार में आयोजित बैठक में उद्यमियों को संबोधित करत परियोजना अधिकारी राक? - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को उद्यमियों और अधिकारियों की बैठक हुई। जहां उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा होने और उनका समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए रोष जताया। उद्यमियों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के साथ खूब नोकझोंक हुई। जिसपर अधिकारियों ने समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अश्विनी शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सड़कें टूटी हुईं हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बिजली के अद्योषित कट सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। औद्योगिक क्षेत्र में गांवों के लोग अपने ट्रक खड़े कर देते हैं। औद्योगिक क्षेत्र की जमीन पर लोग कब्जे करने लगे हैं।
उद्यमी आदर्श कुमार ने बताया कि उनकी एचडीएफसी दिल्ली से स्टांप ड्यूटी छूट की ढाई लाख की गारंटी बनी है, लेकिन बैंक से वर्ष 2020 से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वे लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. योगेश जिंदल ने बिजली समेत कई समस्या को उठाया। समस्याओं को लेकर अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
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यूपीएसआईडीसी के परियोजना अधिकारी राकेश झा ने कहा कि पहली बार बैठक में आए हैं। औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण करके इन सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वहीं सीओ बागपत देवेंद्र कुमार शर्मा को औद्योगिक क्षेत्र में गश्त बढ़वाने के लिए कहा गया तो वहां खड़े होने वाले ट्रकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के लिए कहा गया।
इस दौरान लघु उद्योग भारती बड़ौत के अध्यक्ष बाबूराम शर्मा, बागपत इंडस्ट्रीज वेल्फेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजीव गोस्वामी, कोषाध्यक्ष लोकेश कुमार, सुनील कुमार जैन, मुकेश गुप्ता, कार्यवाहक सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल समेत सरकारी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आवेदन निरस्त करने से पहले खामियां दूर करने का समय मिले
उद्यमी अश्वनी शर्मा ने कहा कि निवेश मित्र के पोर्टल पर 30 विभागों से संबंधित एनओसी के आवेदन किए जाते हैं। उद्यमी किसी कार्य के लिए आवेदन करते हैं, तो उसको निरस्त कर दिया जाता है। उसको निरस्त करने का कारण नहीं बताया जाता है। उसके बाद वह फाइल नहीं खुलती है। जिससे दोबारा आवेदन करने पर एक हजार से तीन लाख रुपये तक की कार्य के अनुसार फीस दोबारा जमा करनी पड़ती है। इसलिए आवेदन निरस्त करने की जगह कमियां दूर करने के लिए समय दिए जाने की मांग की गई। इस समस्या को अधिकारियों ने दूर करने का आश्वासन दिया।

बागपत कलक्ट्रेट स्थित सभागार में बैठक को संबोधित करते कार्यवाहक सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल- फोटो : BAGHPAT

बागपत कलक्ट्रेट स्थित सभागार में बैठक में समस्या रखते बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के महा?- फोटो : BAGHPAT

बागपत कलक्ट्रेट स्थिता सभागार में आयोजित बैठक में भाग लेते उद्यमी- फोटो : BAGHPAT

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