फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाड़ी रुकती तो मार डालते

Fri, 15 Apr 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
अंशुल से पूछताछ करते सीओ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बागपत के बड़ौत में रमाला गेट के पास मार्च माह में सहारनपुर के व्यापारियों की कार पर पूरे परिवार को जान मारने के इरादे से फायरिंग की गई थी, क्योंकि उन्होंने रंगदारी नहीं दी थी। पुलिस ने इसका खुलासा न्यायालय से दस घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर एक बदमाश से पूछताछ के बाद किया। 
विज्ञापन

13 मार्च 2016 को सहारनपुर का व्यापारी सुधीर जैन अपने परिवार समेत फॉर्च्यूनर गाड़ी में बड़ागांव तीर्थ क्षेत्र जा रहा था। रमाला गेट के पास कार में सवार पांच सशस्त्र बदमाशों ने ओवरटेक कर कार पर फायरिंग की थी, लेकिन उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी थी, इसमें पूनम पत्नी देवेंद्र जैन निवासी सहारनपुर गोली लगने से घायल हो गई थी। पुलिस ने 14 मार्च 2016 को कार समेत अंकित उर्फ किंग निवासी भैंसवाल, राहुल पुत्र श्रवण रमाला, अंकुर पुत्र कालू निवासी सूप को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस घटना में अंकित भनेड़ा और अंशुल रमाला फरार चल रहे थे। 
पिछले दिनों अंशुल रमाला न्यायालय में पेश होकर जेल चला गया था। सीओ रमाला राजवीर सिंह ने बताया  अंशुल का कोर्ट से दस घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ की तो उसने बताया  कुख्यात विपुल निवासी भभीसा ने सुधीर जैन निवासी सहारनपुर से रंगदारी मांगी थी, कितने रुपये मांगे थे, यह उसे जानकारी नहीं है। रंगदारी नहीं देने पर विपुल ने अंकित भनेड़ा के साथ मिलकर व्यापारी को परिवार समेत मारने की योजना बनाई थी। अंकित भनेड़ा ने इस घटना को अंजाम देने के लिए अंकित उर्फ किंग, राहुल, अंकुर, अंशुल को अपने साथ लिया था और हथियार भी उपलब्ध कराए थे। 
विज्ञापन

13 मार्च 2016 को जब व्यापारी का परिवार सहारनपुर से गाड़ी लेकर चला तो उनकी लोकेशन अंकित भनेड़ा को मोबाइल फोन पर मिलती रही। रमाला गेट के नजदीक व्यापारी की गाड़ी पर हत्या के इरादे से फायरिंग की, लेकिन वे बच निकले थे। पुलिस ने अंशुल की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। अंकित भनेड़ा अभी भी फरार है। उसके पकड़े जाने पर घटना के अन्य रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा। 
धर्मेंद्र किरठल के लिए चुनाव प्रचार भी किया था   सीओ राजवीर सिंह ने बताया अंशुल रमाला और अंकित भनेड़ा ने जिला पंचायत चुनाव में कुख्यात बदमाश धर्मेंद्र किरठल के लिए भी काम किया था और उसके ही गांव-गांव जाकर लोगों को डरा धमकार वोट दिलाए। 
घटना में प्रयुक्त पिस्टल कहां गए अंशुल रमाला से पूछताछ के दौरान यह भी मामला प्रकाश में आया कि बदमाशों ने व्यापारियों पर पिस्टल से फायरिंग की थी और सभी बदमाश पिस्टल लिए थे, लेकिन पुलिस ने एक भी बदमाश से पिस्टल बरामद नहीं की।  इस संबंध में सीओ रमाला ने बताया कि पिस्टल अंकित भनेड़ा के पास था और अन्य बदमाश तमंचे लिए थे। 
सुपरवाइजर का बेटा बना बदमाश रमाला निवासी अंशुल के पिता चंद्रवीर रमाला मिल में सुपरवाइजर की नौकरी करते हैं। वे तीन बहन-भाई हैं। सबसे बड़ा अंशुल है, इससे छोटी एक बहन है और सबसे छोटा एक और भाई है। अंशुल ने बताया पिता जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते थे। इसलिए अपराध की दुनिया में आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें