त्रिस्तीय पंचायत चुनाव परिणाम के बाद प्रत्याशी हुए गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों ने चुनाव का खर्च का ब्योरा नहीं दिया है। चुनाव का ब्योरा न देने पर निर्वाचन कार्यालय ने सभी प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त कर ली है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचन आयोग ने बीडीसी व ग्राम प्रधान पद के लिए दो हजार रुपये, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चार हजार रुपये, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए पांच सौ रुपये जमानत राशि निर्धारित की गई थी। रिजर्व प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि में 50 फीसदी की छूट का प्रावधान दिया गया था। जिले में ग्राम प्रधान के 244 पदों पर 1778, ग्राम पंचायत सदस्य पद के 3322 पदों के सापेक्ष 1757 पदों पर निर्विरोध चुनाव हुआ था व अन्य पदों पर 1268 ने चुनाव लड़ा। क्षेत्र पंचायत के 505 पदों के सापेक्ष 22 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ था और अन्य पदों पर 2020 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। 20 जिला पंचायत सदस्य पर जिले में 244 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
दो मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के उपरांत निर्वाचन कार्यालय ने प्रत्याशियों को चुनाव के व्यय का ब्यौरा कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए थे। एक भी प्रत्याशी ने निर्वाचन कार्यालय में चुनाव व्यय का ब्यौरा नहीं दिया है। चुनाव व्यय का ब्यौरा न देने पर निर्वाचन कार्यालय ने प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रवीण चौधरी ने बताया कि किसी भी प्रत्याशी ने चुनाव खर्च का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त करने की तैयारी की जा रही है।