बागपत के दोघट में लाखों रुपये के गबन के आरोप में जेल में बंद भड़ल गांव की पूर्व प्रधान प्रकाशी की जमानत अर्जी विषेश न्यायालय मेरठ ने खारिज कर दी है। पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत अधिकारी पर पर 1.67 लाख रुपये का गबन करने का आरोप है। इस मामले में पूर्व प्रधान जेल में बंद है, ग्राम पंचायत अधिकारी फरार है।
भड़ल की पूर्व प्रधान प्रकाशी को गबन के आरोप में 23 फरवरी 2016 को बिनौली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बुधवार को पूर्व प्रधान प्रकाशी ने जिला न्यायालय मेरठ में जमानत याचिका दाखिल की थी।
जिला न्यायालय मेरठ ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है, जबकि दूूसरा आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी शिव कुमार अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। न्यायालय ने बिनौली पुलिस को तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिव कुमार को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह था मामला
दोघट। भड़ल गांव निवासी प्रकाशी पत्नी त्रिपाल 2005 से 2010 तक ग्राम प्रधान पद पर रही। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में मानक से अधिक ईंटों का प्रयोग किया। तालाब की खुदाई दिखाई एवं फर्जी मस्टरोल दिखाकर फर्जी मजदूरों के नाम मजदूरी के रुपयों का गबन करने, किचन शेड के निर्माण में अनियमितता बरतने सहित कई मामलों में 1.67 लाख रुपये का गबन किया।
इस मामले में उप्र सतर्कता अधिष्ठान मेरठ सेक्टर निरीक्षक गजे सिंह ने 9 दिसंबर 2011 को बिनौली थाने में तहरीर दी थी। जिसमें 24 दिसंबर 2009 द्वारा जांच के आदेश पारित किए गए थे। खुली जांच के बाद आख्या शासन को प्रेषित की गई। शासन के आदेश पर 31 अक्तूबर 2011 को भड़ल गांव की तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रकाशी एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिव कुमार के विरुद्ध एफआईआर करा दी गई।
जांच में पाया गया था कि पूर्व प्रधान प्रकाशी एव तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिव कुमार ने अपने-अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए कपट करने के आशय से निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए गबन कर लिया। इस पर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत बिनौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें 1.67 लाख के गबन का आरोप लगाया था।