जनपद मेें 110 से अधिक एटीएम पर लटका ताला
ग्राहक नगदी निकासी के लिए भटकते रहे
बड़ौत। केंद्र सरकार की निजीकरण नीति समेत अन्य समस्याओं के विरोध में सोमवार को बैंकों की हड़ताल रही। इससे करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, 110 से अधिक एटीएम पर ताले लटकने से ग्राहक नगदी निकासी के लिए भटकते रहे।
बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी प्रात: दस बजे बिनौली रोड स्थित केनरा बैंक शाखा पर एकत्रित हुए। यहां केंद्र सरकार की निजीकरण एवं श्रमिक विरोधी नीतियों समेत अन्य समस्याओं के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के संयोजक विक्रम आर्य, सचिन पंवार ने बताया कि सरकार बैंकों को निजी हाथों में साैंपना चाहती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विक्रम आर्य ने बताया कि देशभर के बैंकों में 4.5 लाख पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद बैंकों में ठेकेदारी प्रथा के तहत युवक रखे जा रहे हैं। इस पर तुंरत रोक लगे और नियमित भर्ती की जाए। यहां संजीव तोमर, देवेंद्र कुमार, आजाद राठी, निखिल जैन, आशीष जैन, पीके जैन, बिजेंद्र, राजकुमार, राकेश, सचिन कुमार, सनी आदि रहे।
ग्राहकों को उठानी पड़ी दिक्कतें
ज्यादातर एटीएम पहले ही दिन ड्राई हो गए। जिन इक्का-दुक्का में कैश था। इसलिए वहां ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। उधर, बैंक की हड़ताल के चलते ग्राहक निकासी के लिए भागदौड़ करते दिखे।
ये बोले ग्राहक
बड़ौली गांव निवासी बिमलेश ने बताया कि सरकार की योजना के तहत बेटी की शादी की थी। उसका पैसा खाते में आया या नहीं, इसकी जानकारी करने आयी थीं। इदरीशपुर गांव निवासी काजल पासबुक में एंट्री न होने पर मायूस होकर लौटी। इसी गांव के बलेश भी बैंक से रकम निकालने आया था।
कर्मियों की ये हैं मांगे
-पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर बीस फीसदी वृद्धि पर वेतन पुनरीक्षण समझौता।
-पांच दिवसीय बैंकिग।
-मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय।
-नई पेंशन योजना(एनपीएस) को समाप्त करें।
-पेंशन का अद्यतनीकरण।
-पारिवारिक पेंशन में सुधार।
-परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन।
-बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट।
-शाखाओं में कारोबार के समय भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण।
-अवकाश बैंक की शुरूआत।
-अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे।
-ठेका कर्मचारियों/ बिजनेस करेस्पोडेंटस के लिए समान काम के लिए समान वेतन
किसानों ने दिया समर्थन
निजीकरण के विरोध में बैंककर्मियों की हड़ताल के समर्थन में थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह, किसान नेता आचार्य बलजोर सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंचे और हड़ताल का समर्थन किया। यहां डॉ. कृपाल सिंह, नरेंद्र, सुभाष, प्रमोद, धर्मपाल, राजपाल, महक सिंह, देवेंद्र शामिल रहे।