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Hit and run new law: बस और ट्रकों की हड़ताल, यात्री रहे परेशान, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

Tue, 02 Jan 2024 01:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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बसों की हड़ताल - फोटो : Amar Ujala
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नए कानून के विरोध में सोमवार को रोडवेज बस के साथ ही प्राइवेट बस और ट्रकों के चालकों ने तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी। इससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई और यात्री दिनभर परेशान रहे। निजी वाहनों से लिफ्ट लेकर व डग्गामार वाहनों से गंतव्य तक जाना पड़ा। वहीं हड़ताल से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ।

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ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को बस व ट्रकों के चालक-परिचालक बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बंद पड़े पंट्रोल पंप पर एकत्रित हुए। यहां नए कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि ने कहा कि नए कानून के तहत दस साल की सजा व सात लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस तरह कोई भी चालक वाहन नहीं चला सकेगा, क्योंकि कोई हादसा होने पर चालक मौके पर रुकता है तो लोग उसे पीटकर मार सकते हैं। इसलिए सरकार को इस कानून को वापस लेना चाहिए।

प्रदर्शन करने वालों में सचिव हिम्मत, राम रंग, सुबोध राणा, रामबीर फौजी, प्रवीण, सौकत, मनोज, जयभगवान, कपिल आदि रहे। इसके अलावा बागपत में ट्रक चालक एकत्र हुए और उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर नए कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। ट्रक चालकों ने डीएम को इस मामले में ज्ञापन सौंपा और उस ज्ञापन पर सभी चालकों ने अपने विचार भी रखे। 

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सड़कों पर ठंड में घंटों खड़े रहे यात्री
बसों के चालक व परिचालकों की हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को उठानी पड़ी। बड़ौत डिपो से 220 बस संचालित हो रही है, जिनके चालक व परिचालक हड़ताल पर चले गए। इसके चलते बड़ौत से दिल्ली, बागपत से मेरठ और बड़ौत से मेरठ समेत अन्य सभी रूट पर बस बंद हो गईं। ड्यूटी समेत अन्य जगहों पर जाने के लिए लोग ठंड में सड़क पर खड़े रहे। लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
 
बालैनी के सौ और मेरठ के दो सौ रुपये वसूले
डग्गामार वाहन चालकों ने बसों व ट्रकों की हड़ताल का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने यात्रियों से कई गुना तक ज्यादा किराया वसूला। जहां बालैनी तक केवल 35 रुपये किराया होता है, वहां का सौ रुपये किराया वसूल किया गया। इस तरह ही मेरठ तक का 70 रुपये की जगह दो रुपये किराया वसूला। ई-रिक्शा वालों ने भी दूर तक बुकिंग कर दोगुना किराया वसूल किया। इस तरह से यात्रियों की खूब जेब काटी गई।
 

पहले ही दिन सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ प्रभावित
यहां ट्रकों के पहिये पूरी तरह से जाम रहे, जिसका असर कारोबार पर भी पड़ा हड़ताल के चलते 400 ईंट भट्ठों से ईंटों की सप्लाई पूरी तरह से बंद रही और फैक्टरियों से सामान न भेजा जा सका। इस तरह करीब सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं जिस तरह से तीन जनवरी तक यह हड़ताल रहेगी, उससे स्थिति काफी खराब हो सकती है।
 
चौक पर दो घंटे तक खड़ा रहा
बागपत के अंकित का कहना है कि वह ड्यूटी पर दिल्ली जा रहा था। दो घंटे तक ठंड में राष्ट्र वंदना चौक पर खड़ा रहने के बाद भी बंस नहीं आई। इसके बाद घर से वाहन मंगवाकर दिल्ली जाना पड़ा। 
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बस का इंतजार करके वापस ही लौटना पड़ा
बागपत के पुराने कस्बे के रहने वाले किशन माहेश्वरी ने बताया कि वह निजी कार्य के लिए दिल्ली जाने को घर से निकले थे। घंटों तक सड़क पर खड़े रहे और परेशान होकर वापस लौटना पड़ा, क्योंकि उनको बस नहीं मिल सकी।

 सौ रुपये किराया मांगा, मजबूरी में देना पड़ा
घटौली के रहने वाले महेंद्र ने बताया कि वह बालैनी तक जाने के लिए घंटों तक खड़े रहे। एक ईको गाड़ी वाला आया और उसने बालैनी के सौ रुपये मांगे, जबकि वहां तक 35 रुपये किराया लगता है। मजबूरी में उसमें बैठकर जाना पड़ा।
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