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Baghpat News: गोवंश के चारे और मानदेय में खर्च हो रहा बजट, गांवों में कैसे कराए विकास

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बागपत। राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित कुमार शर्मा को जिले के प्रधानों ने समस्याएं गिनवाईं। जिसमें प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतों को मिलने वाला सारा बजट गोवंशों के चारे और मानदेय में खर्च किया जा रहा है, जिससे गांवों में विकास कार्य कराने में परेशानी हो रही है। प्रधानों ने अफसरों पर गोशालाओं में जबरन बजट लेने और एमबी कम दिखाकर कमीशन मांगने का भी आरोप लगाया।
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विकास भवन के सभागार में राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में जिलेभर के प्रधान पहुंचे। ग्राम प्रधान इंद्रपाल सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधानों की ड्यूटी गोवंशों को पकड़ने में लगा दी गई है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों से 20 रुपये गोवंश के हिसाब से अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा है और जिन गांवों में गोशाला नहीं है, उनसे आबादी के आधार पर दोगुने रुपये जबरन लिए जा रहे हैं। निनाना गांव के प्रधान प्रतिनिधि रोहित धनकड़ ने कहा कि सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका रहता है, जिसके केयर टेकर को हर महीने मानदेय दिया जाता है। उन्होंने केयर टेकर की जगह संविदा सफाई कर्मी दिलाने की मांग की। प्रधान अमरदीप ठाकुर ने कहा कि गांवों में होने वाले विकास कार्यों में कमीशनखोरी चल रही है। जिसमें कम एमबी दिखाकर कमीशन मांगा जाता है और उसके बाद ही सही एमबी के अनुसार बिल तैयार किया जाता है।कुछ प्रधानों ने पंचायत सहायक का पद खाली होने पर तैनाती कराने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सूबेदार प्रताप सिंह, संजीव प्रधान, जितेंद्र बंसल, लोकेंद्र त्यागी, दिनेश त्यागी, गजेंद्र त्यागी, विपिन सोलंकी, शैलेंद्र ठाकुर, रणवीर, राजीव प्रधान समेत अन्य मौजूद रहे।
गांवों को जल्द मिलेगा अतिरिक्त बजट
बागपत। पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि 1500 से कम आबादी वाली ग्राम पंचायतों को जल्द ही पांच लाख रुपये बजट मिलने वाला है। इसके अलावा गोशाला में आबादी से दोगुना बजट देने के लिए अधिकारी प्रधानों पर दबाव नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानों को स्वेच्छा से गोशाला में बजट देने का अधिकार दिया गया है। जो भी अधिकारी आदेश कहकर बजट देने का दबाव बनाते है, प्रधान उनकी शिकायत करें।
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पेयजल निर्माण पूरा होने के बाद ही लें टंकी का हैंडओवर
बागपत। प्रधानों ने पेयजल टंकियों का निर्माण कर रही कंपनी पर रास्ते तोड़ने, पेयजल टंकी के निर्माण में देरी होने समेत अन्य समस्याएं भी उठाई। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पेयजल टंकी का निर्माण करने वाली कंपनी और प्रधान के बीच हुए अनुबंध के अनुसार काम कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांव के रास्तों में हुई तोड़फोड़ को ठीक कराने और टंकी का निर्माण पूर्ण होने के बाद ही हैंडओवर ले।
फर्जी लिखने पड़ते है शौचालय जाने वालों के नाम
ग्राम प्रधानों ने कहा कि गांवों में लाखों रुपये से बने सामुदायिक शौचालयों पर ज्यादातर ताला लटका रहता है। इसके अलावा शौचालयों का प्रयोग करने वालों के नाम रजिस्टर में फर्जी लिखे जाते हैं।
डीजल और चालक के इंतजार में खड़े है आठ गांवों के ट्रैक्टर
ग्राम प्रधानों ने कहा कि सिलाना कलस्टर के आठ गांवों में साफ-सफाई के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली खरीदे गए थे, लेकिन डीजल और चालक का खर्चा नहीं मिलने के कारण ट्रैक्टर ट्राॅलियों का कोई प्रयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आठ गांवों में ट्रैक्टर ट्राॅली पंचायतघरों में खड़े हैं। उन्होंने अधिकारियों से डीजल और चालक की व्यवस्था कराने की मांग की।
पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
बागपत। जिले के प्रधानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सीडीओ को सौंपा। जिसमें उन्होंने टाइड फंड से मिलने वाले बजट को किसी भी मद में खर्च करने की अनुमति, मानदेय और बिजली बिल के लिए अलग बजट जारी करने, ग्राम पंचायत की वार्षिक कार्य योजना के कार्य कराने के लिए अलग बजट दिलाने और गोशालाओं के लिए आबादी से दो गुना बजट की व्यवस्था अलग कराने की मांग की।
सीडीओ बोले, सभी को मिलकर कराना होगा समस्याओं का समाधान
बागपत। प्रधान संगठन की बैठक में सीडीओ एमएल व्यास, डीपीआरओ अमित त्यागी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रमेश चंद्रा ने भी प्रधानों की समस्याएं सुनीं। जहां सीडीओ ने कहा कि गोवंशों से लेकर सभी समस्याओं का समाधान सभी को मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नौ गोशालाएं निर्माणाधीन है, जिनका निर्माण होने से गोवंशों की समस्या से राहत मिलेगी।
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