पिलाना क्षेत्र के गांव औगटी गांव में खेतों में पहरा देते युवक। संवाद
बागपत। गांवों में तेंदुए की दहशत बढ़ती जा रही है। औगटी गांव में तेंदुए की दहशत में लोगों ने सोमवार को बच्चों को स्कूल नहीं भेजा और तेंदुआ नहीं पकड़े जाने तक बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। जिसके बाद बीएसए ने स्कूल की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए।
औगटी गांव में संविलियन विद्यालय गांव से करीब एक किमी दूर जंगल की तरफ बना हुआ है। विद्यालय में करीब 60 बच्चे पढ़ते है। गांव के जंगल में पिछले कई दिनों से तेंदुआ होने की बात कही जा रही है और ग्रामीणों ने तेंदुआ स्कूल के पास देखने की बात भी कही। इस कारण सोमवार को ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। शिक्षकों से अभिभावकों ने कहा कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाता है, वह बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इसके अलावा प्रधान प्रवेश देवी ने अधिकारियों को इस पूरी स्थिति से अवगत कराया। बताया कि स्कूल की चाहरदिवारी भी नहीं हुई है और वहां कोई घटना हो सकती है। जिसके बाद विद्यालय की मंगलवार की छुट्टी कर दी गई।
खेतों में जाने से डर रहे ग्रामीण
ग्रामीण हरपाल सिंह ने बताया कि तेंदुए का भय है। किसानों को खेत में जाते हुए डर लगता है और बच्चों को स्कूल में भेजना बंद कर दिया है। रॉकी कुमार का कहना है कि गांव के जंगल में कई बार तेंदुआ देखा गया है। खेत में कोई नहीं जा रहा है। हरेंद्र ने बताया कि स्कूल एक किमी दूर पड़ता है। हम बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
बीएसए ने छुट्टी कर दी, वन विभाग को सूचना तक नहीं दी
बीएसए ने भले ही स्कूल की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए हो, लेकिन उन्होंने वन विभाग को तेंदुए के बारे में सूचना तक नहीं दी। जिसपर डीएफओ हेमंत सेठ का कहना है कि अभी तक हमारे पास औगटी गांव में तेंदुआ देखे जाने की कोई सूचना ग्रामीण व किसी विभाग से नहीं आई है। अब जानकारी मिली तो वहां टीम को भेजकर दिखवाया जाएगा।