बागपत शहर के पक्का घाट के पास यमुना खादर में की गई दिल्ली के कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के संचालक ब्रिजेश यादव की हत्या के मामले में पकड़े गए विशेष समुदाय के तांत्रिक ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी। पुलिस सूत्रों की माने तो एक युवती से आरोपी तांत्रिक का प्रेम प्रसंग चल रहा था। ब्रिजेश इसमें बाधक बना था। उसे रास्ते से हटाने के लिए आरोपी तांत्रिक ब्रिजेश को बागपत में यमुना खादर में खजाना निकालने के बहाने लेकर आया। वहां पर धारदार हथियार से वार कर ब्रिजेश को मौत के घाट उतार दिया।
शहर के पक्का घाट के पास स्थित गेहूं के खेत में 11 अप्रैल की सुबह युवक का शव मिला था। शनिवार को दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी रूपा ने परिजनों के साथ बागपत कोतवाली पहुंचकर शव की शनाख्त अपने भाई ब्रिजेश यादव के रूप में की थी। उसके साथ असारा गांव का तांत्रिक भी आया था। पुलिस ने शक के आधार पर तांत्रिक से पूछताछ की। इस दौरान उसने पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने पुलिस के सामने घटना का खुलासा कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए तांत्रिक ने बताया उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ब्रिजेश उसे डांटता था। जो तांत्रिक को पसंद नहीं था। इसके साथ भी ब्रिजेश की कहासुनी हुई थी। तभी उसने ब्रिजेश को मारने की ठान ली थी। वह ब्रिजेश को बागपत यमुना खादर में खजाना निकलने के बहाने 10 अप्रैल की रात को लेकर आया। काफी देर तक वे खादर में बैठे रहे। इसी दौरान ब्रिजेश को हल्की नींद आई। तभी तांत्रिक ने उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर दिया। इस दौरान उनके बीच हाथापाई हुई। बाद में तांत्रिक ने उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह फरार हो गया।
तांत्रिक भी हुआ हथियार से घायल
बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ब्रिजेश पर जैसे ही तांत्रिक ने धारदार हथियार से वार किया। ब्रिजेश उठकर भागा। उसने कहा भाई क्यों मार रहा है। तांत्रिक बोला तुझे मारना मेरी मजबूरी है। हाथापाई के दौरान धारदार हथियार तांत्रिक के हाथ से गिर गया। तभी ब्रिजेश ने हथियार उठाकर तांत्रिक के सिर में मार दिया। इससे वह घायल हो गया, लेकिन ब्रिजेश ज्यादा देर तक तांत्रिक का मुकाबला नहीं कर पाया। सूत्रों के मुताबिक आरोपी तांत्रिक की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किया।
पुराना कस्बा में महिला से धुलवाए कपड़े
बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ब्रिजेश की हत्या करने के बाद तांत्रिक ब्रिजेश की पेंट अपने सिर पर बांधकर पुराना कस्बा में गया। एक परिचित मकान में पहुंचकर महिला से अपने खून से सने कपड़े धुलवाए। साथ ही अपना निजी चिकित्सक से उपचार कराया।
तांत्रिक पर विश्वास करता था परिवार
बागपत। पुलिस सूत्रों का कहना है तांत्रिक पिछले करीब एक साल से ब्रिजेश के घर में ही रहता था। उसका परिवार उस पर बहुत ज्यादा विश्वास करता था।