बागपत। यूपी हरियाणा सीमा विवाद में टांडा और नांगल गांव के किसान सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। जिन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर 24 अप्रैल को काटी गई गेहूं की फसल वापस दिलाने की मांग की।
टांडा गांव के प्रधान नवाजिश ने बताया कि टांडा और नांगल गांव के किसानों की दो हजार एकड़ से अधिक जमीन हरियाणा के पानीपत जिले के गोयला खुर्द, संजौली, रायमाल, खौजकीपुर गांव में तहसील बापौली में गई हुई है। जिस पर काफी समय से खेती करते आ रहे हैं। जमीन को लेकर हरियाणा के किसानों के साथ मालिकाना हक का विवाद चंडीगढ़ हाईकोर्ट विचाराधीन चल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके गांव के किसान हर साल जमीन पर फसल उगाते हैं। हरियाणा के किसान अपने प्रशासन के साथ आते हैं और फसल काटकर ले जाते हैं। इस बार भी बागपत जिले का प्रशासन चुनाव में व्यस्त था और हरियाणा के किसान प्रशासन के साथ आकर 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल कटवाकर ले गए। इसके अलावा नांगल गांव के यमुना खादर में 100 बीघा से अधिक फसल ट्रैक्टर चलाकर उजाड़ दी गई और नांगल गांव के किसानों को धमकी दी गई। जिससे दोनों गांवों के किसान भयभीत हैं। उधर डीएम ने पानीपत के डीसी से वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन दिया है। मांग करने वालों में रियासत, राजकुमार, इकराम, फारूख, विनोद त्यागी, कपिल, कामिल, अखिल समेत अन्य मौजूद रहे।
यमुना खादर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
छपरौली। नांगल गांव के यमुना खादर में फसल उजाड़ी जाने के विरोध में किसानों का अनिश्चतकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। जहां किसान डेरा डालकर बैठे रहे। उन्होंने खोजकीपुर गांव के किसानों पर जबरन जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने अफसरों से समस्या का समाधान कराने की मांग की।
धरने में शामिल होंगे काठा, पाली के किसान
नांगल गांव के यमुना खादर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर काठा और पाली गांव के किसानों का प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा। जहां दोनों गांवों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को सैकड़ों किसानों के साथ अनिश्चितकालीन धरने में शामिल होने का ऐलान किया। इस मौके पर जगपाल, विनोद, डाॅ. नीरज, मोहन मास्टर, जितेंद्र, सतेंद्र, हरवीर सिंह, महक सिंह आदि मौजूद रहे।