- बुढ़ाना तहसील में तैनात लेखपाल पांच दिन पहले हुआ था लापता, एक किमी दूर मिला शव
- पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट होगा, एसपी व एएसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। टीकरी कस्बे से रविवार से लापता लेखपाल का शव ईख के खेत में पड़ा मिला। इस सूचना पर एसपी और एएसपी भी घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लेखपाल का शव कई दिन पुराना लग रहा था, जिससे परिजनों ने कपड़ों से शिनाख्त की। उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
टीकरी कस्बे की पट्टी मैनमाना निवासी लेखपाल प्रवीण राठी (30) मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना तहसील में तैनात था। वह रविवार को लापता हुए और उनका मोबाइल, चाबी, पर्स घर में रखा था। जिसकी दोघट थाने में गुमशुदगी दर्ज थी और पुलिस तभी से तलाश में जुटी थी। लेखपाल प्रवीण का शव शुक्रवार दोपहर को टीकरी-गांगनौली मार्ग पर किसान कृष्णपाल के ईख के खेत में पड़ा मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ गया था और चेहरे से पहचान करना मुश्किल था। लेखपाल के ताऊ तेजपाल ने पहुंचकर कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एएसपी मनीष मिश्रा भी वहां पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिससे उसकी रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट हो सके।
हत्या की आशंका, रुपये का लेनदेन तो नहीं कारण
लेखपाल प्रवीण राठी की मौत हत्या या आत्महत्या के बीच उलझ गई है। आत्महत्या की बात किसी के गले नहीं उतर रही। कस्बे के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। जिस ईख के खेत में लेखपाल प्रवीण राठी का शव मिला है, वह उनके घर से लगभग एक किमी दूर है। यह रास्ता टीकरी पुलिस चौकी की तरफ भी जाता है। रविवार की रात लेखपाल घर से इतनी दूर कैसे पहुंच गया, यह भी बड़ा सवाल है। उसकी मौत के पीछे रुपयों का लेनदेन भी हो सकता है, क्योंकि उसने लापता होने से पहले अपने बैंक खाते से लाखों रुपये का लेनदेन भी किया था। मृतक लेखपाल के भाई विकास ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही लेखपाल प्रवीण का किसी से कोई झगड़ा था। हालांकि उसकी मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होने के बाद ही हत्या या आत्महत्या पर भी स्थिति साफ होने की बात कही जा रही है।
पुर बालियान में चकबंदी में लगी थी ड्यूटी
लेखपाल के भाई विकास ने बताया कि प्रवीण राठी वर्ष 2016 में लेखपाल के पद पर भर्ती हुआ था। अब वह मुजफ्फरनगर जनपद की बुढ़ाना तहसील में कार्यरत था। उसकी फिलहाल चकबंदी में पुरबालियान गांव में ड्यूटी लगी हुई थी। वह प्रतिदिन घर से ही ड्यूटी पर जाता था।
बाएं हाथ की निकली हुई थी हड्डी
मृतक लेखपाल प्रवीण राठी का शव देखने से प्रतीत हो रहा था कि उसकी मौत रविवार की रात में हो गई थी। क्योंकि शव सड़ा गला हुआ था। उसके बाएं हाथ की हड्डी निकली हुई थी। जिसे किसी जानवर ने नौंच रखा था।
चार माह की बेटी के सिर से उठा पिता का साया
मृतक लेखपाल की शादी तीन साल पहले ही हुई थी। अब इसके चार माह की एक बेटी है। बड़ा भाई विकास है। बहन अनीता की शादी हो चुकी है। लेखपाल का शव मिलने के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां ईश्वरी, पिता कृष्णपाल, पत्नी रूबी, भाई विकास का रो रोकर बुरा हाल था।
90 हजार रुपये कमरे में रखे मिले
परिजनों ने बताया कि लेखपाल ने लापता होने से दो दिन पहले अपने पिता कृष्णपाल को एक लाख रुपये दिए थे। लापता होने के बाद उसके कमरे में 90 हजार रुपये की नगदी भी रखी हुई मिली थी।
शव सड़ी गली हालत में मिला था। शरीर पर कोई चोट का निशान भी नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस को कई बिंदुओं पर जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
टीकरी कस्बे के मृतक लेखपाल प्रवीण राठी का फाइल फोटो